
दोआबा न्यूजलाइन
जालंधर : स्थानीय मानव सहयोग स्कूल के मैदानों में आज जोश, जुनून और खेल भावना का सैलाब उमड़ पड़ा। दो दिवसीय खेल महाकुंभ स्पोर्ट्स फ्यूजन लीग 2026′ का आज बेहद गरिमामयी और उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। 24 और 25 अप्रैल को आयोजित इस लीग में क्षेत्र की 35 सर्वश्रेष्ठ टीमों ने फुटबॉल और वॉलीबॉल में अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया।

दो दिनों तक चले कड़े संघर्ष के बाद विजेताओं के नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हुए:

फुटबॉल (अंडर-17 लड़के):एक बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, फिल्लौर ने अपनी बादशाहत कायम करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा किया। मेजबान मानव सहयोग स्कूल की टीम ने अंत तक कड़ा संघर्ष किया और उप-विजेता (रनर-अप) का गौरव हासिल किया।
वॉलीबॉल (अंडर-17 लड़के): अपनी होम ग्राउंड का फायदा उठाते हुए मानव सहयोग स्कूल के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और प्रथम स्थान हासिल किया। एस.आर.एस. एम्स पब्लिक स्कूल दूसरे स्थान पर रहा।
वॉलीबॉल (अंडर-14 लड़के): गुरु अमरदास पब्लिक स्कूल, ऊंचा बेट ने तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मानव सहयोग स्कूल उप-विजेता रहा।
फुटबॉल (अंडर-14 लड़के): कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, फगवाड़ा का इस श्रेणी में दबदबा रहा, जहाँ उनकी टीमों ने ही प्रथम और द्वितीय स्थान पर कब्जा जमाया।
समापन समारोह की शोभा मानव सहयोग सोसाइटी के सम्मानित सदस्य सरदार अजीत सिंह जी और श्री राकेश बाली जी ने बढ़ाई। विशिष्ट अतिथि (Guests of Honour) के रूप में उनकी उपस्थिति ने युवा खिलाड़ियों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा ,मैदान पर आपका अनुशासन और टीम वर्क ही भविष्य में आपको एक महान नागरिक बनाएगा। जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन खेल भावना के साथ खेलना सबसे ऊपर है।”
विजेता खिलाड़ियों के लिए वह पल सबसे गौरवपूर्ण रहा जब सरदार अजीत सिंह जी और श्री राकेश बाली जी ने स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती सपना कुमार और वाइस-प्रिंसिपल श्री दीपक बहल के साथ मिलकर चमकती हुई ट्रॉफियां और पदक प्रदान किए।
विजेता टीमों के चेहरों की मुस्कान और तालियों की गड़गड़ाहट ने इस समारोह को यादगार बना दिया। प्रिंसिपल श्रीमती सपना कुमार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि स्कूल भविष्य में भी खेलों को इसी तरह बढ़ावा देता रहेगा।
‘स्पोर्ट्स फ्यूजन लीग 2026′ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के कौशल और दृढ़ संकल्प का उत्सव साबित हुई।
