Home जालंधर 30-40 की उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, बदलती जीवनशैली और तनाव बड़े कारण: डॉ. रमन चावला

30-40 की उम्र में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, बदलती जीवनशैली और तनाव बड़े कारण: डॉ. रमन चावला

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

केयर वेस्ट अस्पताल में शाम 6 से 8 बजे तक शुरू हुई हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. रमन चावला की OPD

अस्पताल प्रबंधन ने की लोगों से समय पर जांच कराने की अपील

जालंधर: (सतपाल शर्मा )बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, बढ़ता मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बारे में केयर वेस्ट अस्पताल के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. रमन चावला का कहना है कि पहले जहां हार्ट अटैक के मामले मुख्य रूप से 50 से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में देखने को मिलते थे, वहीं अब 30 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और समय रहते लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत है।

*बिगड़ती डाइट और लाइफस्टाइल बन रही बड़ी वजह

डॉ. रमन चावला ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोगों की खानपान की आदतें पूरी तरह बदल चुकी हैं। जंक फूड, तली-भुनी चीजें, अधिक नमक और चीनी का सेवन, अनियमित समय पर भोजन करना तथा देर रात तक जागना हृदय पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने और संतुलित आहार की कमी के कारण हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि लोग अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और कम वसा वाला भोजन शामिल करें तथा नियमित समय पर भोजन करें तो हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

*मसल्स बनाने की होड़ में युवा कर रहे बड़ी गलती

डॉ. चावला ने कहा कि आज के समय में कई युवा फिटनेस के नाम पर केवल मसल्स बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। कई लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के अत्यधिक वर्कआउट, भारी वजन उठाने और सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित व्यायाम जरूरी है, न कि केवल शरीर की बनावट पर ध्यान देना।

उन्होंने सलाह दी कि नियमित वॉक, हल्की दौड़, योग और डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करना हृदय के लिए अधिक लाभदायक है। किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज शरीर की क्षमता के अनुसार ही करनी चाहिए।

*तनाव भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण

डॉ. रमन चावला के अनुसार मानसिक तनाव आज हृदय रोगों का सबसे बड़ा जोखिम कारक बन चुका है। उन्होंने बताया कि नौकरी का दबाव, करियर को लेकर चिंता, आर्थिक समस्याएं और पारिवारिक तनाव लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद, परिवार में तनावपूर्ण माहौल और सामाजिक दबाव भी व्यक्ति के दिल और दिमाग पर गहरा असर डालते हैं। लगातार तनाव में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, हार्ट की धड़कन प्रभावित होती है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

*तनाव से बचने के लिए शराब और सिगरेट का सहारा लेना खतरनाक

डॉ. चावला ने कहा कि तनाव दूर करने के लिए कई लोग शराब और सिगरेट जैसी गलत आदतों की ओर बढ़ जाते हैं, लेकिन यह समाधान नहीं बल्कि समस्या को और गंभीर बना देता है। धूम्रपान और शराब दोनों ही हृदय की धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं और हार्ट अटैक की आशंका को बढ़ा देते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और परिवार के साथ समय बिताने जैसी स्वस्थ आदतों को अपनाएं।

*जीवनशैली में बदलाव ही सबसे प्रभावी बचाव:-

डॉ. रमन चावला ने कहा कि हार्ट अटैक और हृदय रोगों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि लोग अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाएं। संतुलित भोजन करें, नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें, वजन नियंत्रित रखें, ब्लड प्रेशर और शुगर की समय-समय पर जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार के सीने में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही इलाज से हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

*स्कूलों, बैंकों और संस्थानों में चला रहे जागरूकता अभियान

डॉ. रमन चावला ने बताया कि हृदय रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए वे स्कूलों, बैंकों और विभिन्न संस्थानों में हार्ट हेल्थ पर सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण, बचाव के उपाय, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आपातकालीन स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी उम्र से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो जाएं तो भविष्य में हृदय रोगों के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

*शाम 6 से 8 बजे तक मिलेगी हार्ट विशेषज्ञ की OPD

केयर वेस्ट हॉस्पिटल में अब हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. रमन चावला की शाम की ओपीडी भी शुरू कर दी गई है। मरीज प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक परामर्श ले सकते हैं। डॉ. चावला ने बताया कि इस ओपीडी का उद्देश्य उन लोगों को सुविधा देना है जो दिनभर नौकरी या अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अस्पताल नहीं पहुंच पाते। उन्होंने लोगों से अपील की कि हृदय संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ से जांच एवं परामर्श अवश्य लें।

 

 

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