Home दिल्ली PM मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का किया उद्घाटन, 76वें जन्मदिन की बधाइयों से गूंज उठा मंच

PM मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का किया उद्घाटन, 76वें जन्मदिन की बधाइयों से गूंज उठा मंच

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

मंच पर खड़े PM मोदी ने जन्मदिन की बधाइयों का मुस्कुराकर जताया आभार

भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में आयोजन के पांचवें संस्करण के महत्व का उल्‍लेख करते हुए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्‍होंने कहा कि वे विदेश से भारत आए सभी अतिथियों का विशेष स्वागत करते हैं।

सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन सत्र में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन की बधाइयों ये गूंज उठा। उनके मंच पर पहुंचते ही प्रतिनिधियों ने तालियों के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने मुस्कुराकर अभिवादन स्वीकार किया और सभी का धन्यवाद किया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत सामान्य कार्यक्रम की तरह हुई, लेकिन प्रधानमंत्री के मंच पर आते ही माहौल बदल गया। सम्मेलन हॉल में मौजूद लोगों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। कई प्रतिनिधि अपने मोबाइल फोन से इस पल को रिकॉर्ड करते नजर आए।

प्रधानमंत्री ने सेमीकॉन इंडिया के आरंभ और विश्वकर्मा दिवस के बीच सशक्त समानता दर्शाते हुए देश की सदियों पुरानी निर्माण और सृजन की विरासत के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने पारंपरिक सृजनात्मक शक्ति और 21वीं सदी की प्रौद्योगिकी एवं भविष्‍यदृष्टि संगम के सुखद संयोग का ध्‍यान दिलाया है। पीएम मोदी ने कहा कि यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए हमारी प्रेरणा है।

पीएम ने पिछले 15 दिनों में देश में हुई तीव्र प्रगति की चर्चा करते हुए कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया। इनमें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में समावेशी वित्त पर चर्चा, तीन हजार किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का संचालन और 7 दशमलव आठ प्रतिशत की मजबूत तिमाही सकल विकास दर वृद्धि शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने हाल में एक जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा संप्रभु रेटिंग में उन्नयन को देश की बढ़ती आर्थिक विश्वसनीयता का प्रमाण बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि इससे स्‍पष्‍ट है कि एक ओर भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और दूसरी ओर भारत पर दुनिया का भरोसा भी बढ़ रहा है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भारत में हाल में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की कूटनीतिक सफलता का उल्‍लेख करते हुए नई दिल्ली घोषणापत्र सर्वसम्मति से अपनाए जाने को अंतरराष्ट्रीय सहमति का प्रतीक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि भारत के प्रति विश्‍व समुदाय का अटूट भरोसा दर्शाती है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत के प्रति वैश्विक भरोसे का एक और बड़ा प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने 2022 में सेमीकॉन इंडिया स्थापित किए जाने से लेकर अब तक के इसके विकास क्रम का वर्णन करते हुए आरंभिक नीतिगत विमर्श से लेकर परियोजना नियोजन, पायलट लाइनों (पूर्व-व्यावसायिक उत्पादन लाइन जिसमें नई तकनीक पर आधारित लघु स्‍तर पर विनिर्माण होता है) और अंततः वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत तक की प्रगति का ब्यौरा दिया। उन्होंने मोहाली और सूरत में दो नए संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन आरंभ होने के साथ ही वैश्विक ग्राहकों तक चिप्स पहुंचने की उपलब्धि पर हर्ष जताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संयंत्रों में विनिर्मित चिप्स देश और दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचने लगे हैं।

सेमीकंडक्टर पारितंत्र स्‍थापना की अपार जटिलता की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने रिकॉर्ड समय में चिप डिजाइन, उपकरण निर्माण और परीक्षण क्षमताओं में महारत हासिल करने के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने वर्तमान औद्योगिक नेताओं को आधार स्‍तंभ बताया, जिनकी साझेदारी से यह तकनीकी प्रगति संभव हुई। पीएम मोदी ने उनसे कहा कि भारत की इस सफलता के वे ही स्तंभ और भागीदार हैं।

इस क्षेत्र की निरंतर प्रगति की चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘टेप आउट’ (इंटीग्रेटेड सर्किट या चिप के डिज़ाइन का आखिरी चरण जिसे विनिर्माण के लिए भेजा जाता है) की अवधारणा समझायी और बताया कि सरकार बिना रुके लगातार अगली तकनीकी प्रगति को बढ़ावा दे रही है। श्री मोदी ने 13.5 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे विशाल चरण की घोषणा की और नए नियामक सुधारों का उल्‍लेख किया जो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजाइन फर्मों के बीच सहयोग को सुगम बनाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की सफलता के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।

वहीं उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभ की चर्चा करते हुए इंजीनियरिंग प्रतिभाओं के विशाल भंडार और चिप डिजाइनिंग के लिए विशेष व्यापक कौशल विकास पहल का जिक्र किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा विशेष रूप से डिजाइन की गई चिप्स का गौरव के साथ उल्लेख किया और एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी दोहरायी, जिनमें से 70 हजार पहले ही प्रशिक्षित किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि विपुल प्रतिभा भंडार, सेमीकंडक्‍टर विनिर्माण कंपनियों के लिए सोने की खान से कम नहीं है।

सेमीकंडक्टर बाजार की बढ़ती जटिलताओं का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती मांग ट्रांजिस्टर के केवल आकार से हटकर समग्र प्रणाली एकीकरण पर केंद्रित हो रही है, जिसमें मेमोरी प्लेसमेंट और हीट मैनेजमेंट भी शामिल हैं। उन्होंने देश को इन नई वैश्विक विनिर्माण चुनौतियों के लिए विश्वसनीय और निरंतर नवीनीकृत गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने कहा कि भारत इसके लिए अपने को निरंतर तैयार कर रहा है।

उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग के लिए ऊर्जा सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे की चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने एआई डेटा केंद्रों की प्रचुर बिजली आवश्यकताओं और विनिर्माण संयंत्रों के लिए निर्बाध बिजली आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने सौर ऊर्जा क्षमता में 160 गीगावाट से अधिक की बढोत्‍तरी, निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोलने और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास सहित विद्युत उत्‍पादन में देश के तीव्र विस्तार की जानकारी दी। श्री मोदी ने कहा कि इसलिए, भारत आज विद्युत क्षेत्र में भी भारी निवेश कर रहा है।

वहीं प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए देश की लोकतांत्रिक भावना के संदर्भ में तकनीकी प्रगति का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को भारतीय संविधान के 75 वर्ष की विरासत का स्‍मरण कराया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जननी भारत में एक सफल महत्वपूर्ण उद्योग संपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करता है और आगे असीम अवसरों के लाभ का हार्दिक निमंत्रण देता है। पीएम मोदी ने कहा कि सम्‍मेलन में भाग ले रहे प्रति‍निधियों से कहा कि भारत की आकांक्षाएं उनके समक्ष हैं और भारत में सृजित हो रहे नए अवसर उनके स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

 

 

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