



दोआबा न्यूज़लाइन


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिपर्तन के बाद कल यानि 3 जुलाई, 2026 को कोलकाता में विधान सभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (ओरियेंटेशन प्रोग्राम) की शुरुआत होगी। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन कल यानि शुक्रवार को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला कल करेंगे।


उद्घाटन सत्र में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी, संसदीय कार्य तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधान सभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। पश्चिम बंगाल विधान सभा के अध्यक्ष रथीन्द्र बोस स्वागत भाषण देंगे तथा पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य मंत्री डॉ. शंकर घोष धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विधायी कार्य के प्रमुख आयामों पर केंद्रित तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इनमें ‘एक प्रभावी विधायक कैसे बनें, सदस्यों के लिए संसदीय परंपराएं, परिपाटी एवं शिष्टाचार ,‘विधानमंडलों में प्रश्नों एवं अन्य प्रक्रियात्मक साधनों के माध्यम से कार्यपालिका की उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना’, ‘भारतीय संसद की समिति प्रणाली’, ‘निजी सदस्य विधेयकों सहित विधायी प्रक्रिया’, ‘संसद में वित्तीय कार्य एवं बजटीय प्रक्रिया’, ‘संसदीय विशेषाधिकार एवं आचारनीति’ तथा ‘राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा – NeVA)’ विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।


इन सत्रों की अध्यक्षता तथा संबोधन विभिन्न राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, संसद सदस्यों, संवैधानिक विशेषज्ञों तथा देशभर के वरिष्ठ संसदीय विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम से विचारों एवं सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ प्रतिभागियों की विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक शासन के संबंध में समझ को और सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है।
वहीं प्रबोधन कार्यक्रम का समापन 4 जुलाई, 2026 को पश्चिम बंगाल विधान सभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि के समापन संबोधन के साथ होगा। इस सत्र को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला; हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष; राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश; पश्चिम बंगाल विधान सभा के अध्यक्ष श्री रथीन्द्र बोस तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति संबोधित करेंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन लोक सभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़ (प्राइड – PRIDE) द्वारा पश्चिम बंगाल विधान सभा के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नवनिर्वाचित सदस्यों को संसदीय एवं विधायी कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं, जिनमें समिति प्रणाली, वित्तीय पर्यवेक्षण, संसदीय विशेषाधिकार तथा विधानमंडलों में डिजिटल पहलों का समावेश है, से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम विधायकों, पीठासीन अधिकारियों तथा संसदीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, विचार-विमर्श एवं अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए भी एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगा।




