




दोआबा न्यूज़लाइन
मानसा/चंडीगढ़: मानसा ड्रग एक्टिविस्ट झोटा के शव का हत्या के 22 दिन बाद आज चंडीगढ़ PGI अस्पताल में पोस्टमॉर्टेम किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार परिवार और एक्शन कमेटी की मांगों को मानते हुए सरकार ने झोटा हत्याकांड मामले में सरकार ने परिवार को 2 करोड़ की आर्थिक सहायता के साथ- साथ झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को सरकारी नौकरी दिए जाने का ऐलान किया है। जिसपर परिवार और एक्शन कमेटी ने सहमति जताई है। जिसके बाद आज शुक्रवार को झोटा के शव का चंडीगढ़ PGI में पोस्टमॉर्टेम करवाया जा रहा है और उसके बाद उनका सिख रीती रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान PGI के बाहर सुरक्षा के लिए भारी पुलिस फोर्स भी तैनात की गई।


वहीं झोटा के पिता ने पंजाब सरकार और मीटिंग में शामिल कैबिनेट मंत्रियों से मांग की है कि बेटे के पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार से पहले मानसा के SSP वैभव चौधरी का तबादला किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे की हत्या के लिए SSP वैभव चौधरी भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने समय रहते नशा तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
परविंदर झोटा के परिवार को मिली X-कैटेगरी सिक्योरिटी, पढ़ें
एंटी ड्रग एक्टिवस्ट परविंदर झोटा के परिवार को गृह मंत्रालय (MHA) ने X-कैटेगरी की CRPF सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर और उनके माता-पिता को दी गई है। मानसा में CRPF के जवान पहुंच गए है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी खतरों को देखते हुए परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मंजूरी दी है।
बताते चलें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दशहरे के दिन पंजाब के मानसा में परविंदर झोटा के परिवार से मिले थे। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया था, जिसके बाद यह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
झोटा हत्याकांड के बाद मानसा में फिर बने तनावपूर्ण हालत, पुलिस और प्रदर्शकारियों में हुई झड़प
मानसा: ड्रग एक्टिविस्ट झोटा हत्या मामले के बाद फिर एक बार मानसा में बीते मंगलवार स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी। मिली जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार 27 अक्टूबर को मानसा के गांव भम्मे कलां में 2 एक व्यक्ति दलजीत की नशे से मौत हो गई थी। वहीं दलजीत की मौत के बाद गुस्साए परिजन शव सड़क पर रखकर रोष जताने लगे तो पुलिस ने वहां जाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।
वहीं मृतक दलजीत के परिवार का आरोप है कि पुलिस पर जबरन शव ले जाने और पोस्टमार्टम से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जमकर झड़प हो गई। घटना के बाद मानसा में चल रहे धरने में
परविंदर झोटा के पिता ने पूरे पंजाब से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग इंसाफ कमेटी के धरने में शामिल होने के लिए मानसा पहुंचे। आज परविंदर झोटा की हत्या के 14 दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है।
वहीं श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर पंजाब के सभी गुरुद्वारों में झोटा के लिए अरदास हो रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता-उगराहां पूरे पंजाब में पुलिस थानों के बाहर धरने दे रही है। वहीं भारतीय किसान यूनियन सिद्धुपुर के वर्कर मानसा में झोटा इंसाफ कमेटी के धरने में पहुंच रहे हैं। जबकि पुलिस ने लक्खा सिधाना समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। यहां पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लक्खा सिधाना और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद भाना सिद्धू मानसा में परविंदर सिंह झोटा के इंसाफ के लिए चल रहे धरने में पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया और युवाओं को हिरासत में लिया। भाना सिद्धू ने चेतावनी दी कि यदि हिरासत में लिए गए युवाओं को आज सुबह तक रिहा नहीं किया गया, तो प्रशासन व सरकार के खिलाफ तीखा संघर्ष किया जाएगा।



