

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: जालंधर के डीसी दफ्तर के सामने आज फिर एक बार किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) ने किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर बढ़ती महगाई, रसोई गैस की कीमतों और पटियाला में बीते दिनों बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में यह प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डीसी दफ्तर के बाहर केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब सरकार के पुतले फूंके। वहीं किसानों ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।


इस दौरान BKU (दोआबा) जिला जालंधर के सचिव तरसेम सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह संकट सिर्फ किसानों का नहीं है बल्कि राज्य के मजदूर, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और मध्यम वर्ग के लोग भी इस महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिन ब दिन आसमान छू रही महंगाई से आम आदमी का जीवन कठिन हो गया है। रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) के दाम लगातार बढ़ने से हर घर का बजट गड़बड़ा रहा है।
वहीं किसान नेता ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर आम जनता और किसानों के हक़ में फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा। इस दौरान सगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आम जनता और किसानों के हक़ में फैसला नहीं लिया तो आने वाले चुनावों में राज्य की जनता और किसान इसका जवाब अपने ‘ वोट की चोट ‘ से देंगे।

पंजाब के 22 जिलों में आज किसान फिर करेंगे प्रदर्शन, फूंकी जाएंगी मोदी सरकार और राज्य सरकारों की अर्थियां
पंजाब में फिर आज किसान संगठनों ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार आज ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के आह्वान पर पंजाब के सभी 22 जिलों में करीब 74 स्थानों पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के खिलाफ ‘अर्थी फूंक’ प्रदर्शन किए जाएंगे। कहा जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान सोमवार सुबह करीब 11 बजे पंजाब के 22 जिलों में लगभग 74 स्थानों पर किसानों द्वारा केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकारों के खिलाफ ‘अर्थी फूंक’ प्रदर्शन किए जाएंगे।
प्रदर्शन का ऐलान करते हुए किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों की लंबे समय से कई लंबित मांगों पर सरकारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि मौजूदा समय में पंजाब के कई इलाकों में यूरिया खाद की भारी कमी पाई जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने के कारण किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यूरिया खाद कथित रूप से ब्लैक में बिक रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।
वहीं किसानों ने सरकार से मांग की है कि यूरिया खाद निर्धारित सरकारी दरों पर उपलब्ध कराई जाए और इसकी कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की कमी सीधे फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
इसके साथ ही किसान संगठनों ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को खेती और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बताया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती लागत के कारण कृषि कार्य करना महंगा होता जा रहा है। किसानों ने इन कीमतों में तत्काल राहत देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि आज किसानों द्वारा पंजाब के अमृतसर जिले में सबसे अधिक 12 स्थानों पर प्रदर्शन किये जाएंगे , जिनमें गोल्डन गेट, जंडियाला गुरु, मेहता चौक और अजनाला जैसे क्षेत्र शामिल हैं। होशियारपुर और कपूरथला में 8-8 स्थानों पर, जबकि मोगा में भी 8 जगहों पर किसान विरोध कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
इसके साथ ही फिरोजपुर, गुरदासपुर, बठिंडा, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, फाजिल्का और रोपड़ सहित अन्य जिलों में भी निर्धारित स्थानों पर किसान एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे। कई जिलों में डीसी कार्यालयों, टोल प्लाजा और प्रमुख चौकों को प्रदर्शन स्थल बनाया गया है।

