
दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: P.C.M.S.D. कॉलेज फॉर विमेन के स्नातकोत्तर कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग द्वारा इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्कर्ष माइंड्स टेक्नोलॉजीज़, मुंबई तथा मुंबई लेवल अप, पुणे के सहयोग से संपन्न हुआ। सत्र का उद्देश्य छात्राओं को भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत तथा आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उसकी प्रासंगिकता से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में एईटी के अथर्व कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मुंबई के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. श्रीकांत पी. कल्लूरकर तथा निकमार यूनिवर्सिटी, पुणे के प्रोफेसर डॉ. आनंद प्रकाश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पारंपरिक भारतीय ज्ञान परंपरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार तथा मानवीय समझ जैसे समकालीन क्षेत्रों के बीच गहरे संबंधों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारतीय चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण डिजिटल युग में तकनीकी समाधान और नैतिक विकास को सशक्त बना सकते हैं।
विभागाध्यक्ष श्रीमती शिवानी शर्मा ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत करते हुए सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे और तकनीकी शिक्षा के साथ सांस्कृतिक ज्ञान के समन्वय पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

सत्र का समापन प्रश्नोत्तर चरण के साथ हुआ, जिसमें छात्राओं को अपनी शिक्षा में अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाने तथा उभरते तकनीकी क्षेत्रों में इंडियन नॉलेज सिस्टम के उपयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रेरित किया गया।
कॉलेज के अध्यक्ष श्री नरेश बुधिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विनोद दादा, प्रबंधन समिति के अन्य सदस्यों तथा प्राचार्या डॉ. पूजा पराशर ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को परंपरा और आधुनिकता के संतुलित समन्वय की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

