

दोआबा न्यूज़लाइन
चंडीगढ़: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती चली जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार संजीव अरोड़ा की आज फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेशी थी जहां से आज भी उन्हें राहत नहीं मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अरेस्ट किए मंत्री अरोड़ा द्वारा दायर याचिका पर आज फिर हाईकोर्ट में करीब पौने घंटे तक सुनवाई चली, लेकिन अरोड़ा को आज भी राहत नहीं मिल पायी।

बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान अरोड़ा के वकील ने दलील दी कि इस केस में शिकायतकर्ता अफसर और गिरफ्तार करने वाला अधिकारी एक ही व्यक्ति है, जोकि पीएमएलए की धारा 19 के तहत कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करने वाला और गिरफ्तारी करने वाला अधिकारी एक ही नहीं हो सकता।
वहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आप हमें विवादित आदेश की तरफ ले जाइए, आप किस बात का संदर्भ दे रहे हैं?” इसके जवाब में अरोड़ा के वकील ने कहा कि गिरफ्तारी मेमो मनगढ़ंत था। सुबह 7 बजे गिरफ्तार किया गया और रात 11:20 बजे अदालत में पेश किया गया। अगर गिरफ्तारी शाम 4 बजे हुई थी, तो कार्यावधि के दौरान पेश किया जा सकता था। रात 11:20 बजे जज को जगाने की क्या जरूरत थी?” गिरफ्तारी के आधार गिरफ्तारी के समय ही दिए जाने चाहिए थे। गिरफ्तारी के आधार पहले से टाइप किए हुए और सुनियोजित थे।
