
दोआबा न्यूज़लाइन
बार-बार मांगने के बावजूद एक साल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं
जालंधर : नगर निगम जालंधर की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) ब्रांच एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सीवरेज, पेयजल और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे, वहीं अब संबंधित अधिकारियों द्वारा एक वर्ष का जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध न कराए जाने से मामला और गंभीर हो गया है।

सूत्रों के अनुसार भारतीय सफाई परिषद के प्रधान राजन शर्मा द्वारा इस शाखा में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायत में कई गंभीर बिंदु उठाए गए, जिनके आधार पर नगर निगम कमिश्नर श्री संदीप ऋषि ने फरवरी माह में ज्वाइंट कमिश्नर डॉमनदीप कौर के माध्यम से संबंधित शाखा से पिछले एक साल के एस्टिमेट और एम.बी. बुक का रिकॉर्ड मांगा था।
बताया जा रहा है कि 3 मार्च को दोबारा निर्देश जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। यहां तक कि सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एस.ई.) स्तर से भी सख्त हिदायतें दी गईं, फिर भी अधिकारियों का रवैया ढीला ही बना रहा।
सूत्रों का कहना है कि रिकॉर्ड देने में हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है और इसे संभावित गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। विभागीय स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। खासकर यह बात सामने आ रही है कि जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और सब-डिविजनल ऑफिसर (एस.डी.ओ.) स्तर के अधिकारी ही नहीं, बल्कि उच्च अधिकारी भी निगम कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो सिस्टम की कमजोर स्थिति को दर्शाता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या नहीं।
