Home जालंधर विरासत की जड़ों से भविष्य की उड़ान तक ‘युगांतर–2026’ में दिखा बदलते युगों का अनुपम संगम

विरासत की जड़ों से भविष्य की उड़ान तक ‘युगांतर–2026’ में दिखा बदलते युगों का अनुपम संगम

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

मानव सहयोग स्कूल में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परंपरा और प्रगति के संतुलन का संदेश, 400 से अधिक विद्यार्थी सम्मानित

जालंधर: मंच पर कभी भारतीय विरासत का गौरव उभरा तो कभी रोबोटिक डांस में भविष्य की झलक दिखी। मानव सहयोग स्कूल के वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह ‘युगांतर–2026’ में विद्यार्थियों ने ‘विरासत से भविष्य तक’ की यात्रा को जीवंत किया। प्रस्तुतियों ने संदेश दिया कि बदलते युगों के साथ आगे बढ़ते हुए संस्कारों, मानवीय संबंधों और प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखना ही सार्थक प्रगति है।

समारोह में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की डीन एवं हेड ऑफ स्कूल्स तथा एच.एम.वी. कॉलेज, जालंधर की पूर्व प्राचार्या डॉ. अजय सरीन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की अध्यक्षता स्कूल के चेयरमैन डॉ. एस. के. शर्मा ने की। इस अवसर पर प्रबंध समिति के सम्माननीय सदस्यों एवं विशिष्ट अतिथियों में विनेश जैन, संदीप जैन, मुकुंद राय गुप्ता, सुषमा चोपड़ा, डॉ. बी. एस. चोपड़ा, डॉ. सुरजीत लाल (सचिव, रेड क्रॉस सोसाइटी), राकेश बाली, सरदार अजीत सिंह तथा शालू गुप्ता (प्रिंसिपल, एपेक्स इंटरनेशनल स्कूल, नकोदर) उपस्थित रहे।

‘युग चक्र- समय का पहिया’ ने परिवर्तन की यात्रा दिखाई, जबकि ‘विरासत- भारत की आत्मा’ और महाराजा रणजीत सिंह पर आधारित प्रस्तुति ने सांस्कृतिक गौरव, साहस एवं नेतृत्व को उभारा। अंग्रेज़ी नाटक ने सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। रोबोटिक डांस में तकनीकी संभावनाएँ दिखीं तो लुड्डी और भांगड़े ने पंजाब की लोकसंस्कृति के रंग बिखेरे। इन प्रस्तुतियों में अतीत की सीख, वर्तमान की सजगता और भविष्य की तैयारी का सुंदर समन्वय दिखाई दिया।

समारोह में शिक्षा, खेलकूद और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए 400 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें अंतरसदनीय एवं अंतरविद्यालयी प्रतियोगिताओं के विजेता तथा फुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित खिलाड़ी भी शामिल रहे। विज्ञान संकाय के मेधावी विद्यार्थियों को श्रीमती सुरेश कुमारी की ओर से ₹11,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

मुख्य अतिथि ने अभिभावकों से बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने और उन्हें भारतीय संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया। प्रिंसिपल सपना कुमार ने अतिथियों का उनकी गरिमामयी उपस्थिति और विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

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