Home एजुकेशन युगों-युगों तक अमर रहेगा अनिल चोपड़ा जी का नाम, सेंट सोल्जर कैंपस के कर्मयोगी स्थल में स्थापित की गई भव्य प्रतिमा

युगों-युगों तक अमर रहेगा अनिल चोपड़ा जी का नाम, सेंट सोल्जर कैंपस के कर्मयोगी स्थल में स्थापित की गई भव्य प्रतिमा

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

कर्म, सेवा और समर्पण की मिसाल बनकर सदैव प्रेरित करते रहेंगे अनिल चोपड़ा जी: चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा

जालंधर: युगों-युगों तक अमर रहेगा अनिल चोपड़ा का नाम, जिनकी दूरदर्शी सोच, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स को एक नई पहचान प्रदान की। उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करते हुए आज सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के कॉलेज कैंपस, नज़दीक एनआईटी, जालंधर-अमृतसर रोड, जालंधर के कर्मयोगी स्थल में  संस्थान के संस्थापक एवं श्रद्धेय अनिल चोपड़ा जी की प्रतिमा स्थापित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत समूह सदस्यों द्वारा सेंट सोल्जर ग्रुप के गौरव गीत स्मरण कर की गई।

इस मौके ग्रुप चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा, राजन चोपड़ा, प्रिंस चोपड़ा, रितु चोपड़ा, प्रीतिका चोपड़ा, सुनील चोपड़ा, सिम्मी चोपड़ा पषान, शुष्मा हांडा, नीलम कत्याल, नरिंदर कुमार हांडा, समूह परिवार सदस्य एवं समूह ग्रुप के स्टाफ मेंबर्स ने पहुँच के श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की साध्वियों में साध्वी सुमेधा भारती , साध्वी किरण भारती, साध्वी पूर्णिमा भारती, साध्वी ऋचा भारती, साध्वी शब्दप्रिया भारती, साध्वी क्रालिका भारती, स्वामी राजदीप ने भव्य संकीर्तन कर समूह सदस्यों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संगीता चोपड़ा ने बताया कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनके महान व्यक्तित्व, प्रेरणादायक विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान का प्रतीक है। उनका जीवन सदैव कर्म, सेवा, अनुशासन और समाज के उत्थान के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।  अनिल चोपड़ा ने जिस दूरदृष्टि और संकल्प के साथ सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की नींव रखी, वह आज भी संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों में जीवंत है। उनकी सोच, उनके आदर्श और उनके द्वारा देखा गया हर सपना सेंट सोल्जर परिवार के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों पर चलने का संदेश देती रहेगी। भले ही उनकी भौतिक उपस्थिति आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार, संस्कार और योगदान सदैव सेंट सोल्जर परिवार के हृदय में जीवित रहेंगे। अनिल चोपड़ा जी का नाम केवल इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा और सेंट सोल्जर की पहचान में सदैव अमर रहेगा।

 

 

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