Home जालंधर जालंधर के अलग-अलग चौकों पर विभिन्न संस्थाओं ने किया विरोध प्रदर्शन, जानें वजह…

जालंधर के अलग-अलग चौकों पर विभिन्न संस्थाओं ने किया विरोध प्रदर्शन, जानें वजह…

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

बस स्टैंड पर धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारी, वहीं BMC चौक पर आंगनवाड़ी मुलाज़िलों ने पंजाब सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

जालंधर: जालंधर के साथ-साथ पंजाब भर में आज भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध के चलते ट्रेड यूनियन, किसान संगठन और कर्मचारी संगठन आज हड़ताल पर हैं। पंजाब के कई जिलों में इसका इसका मिलाजुला असर देखने मिल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिम हड़ताल पर हैं, जबकि पक्के कर्मचारी अपनी सेवाएं रोजाना की तरह दे रहे हैं। पंजाब के अलग अलग शहरों में ट्रेड यूनियनें प्रदर्शन कर रही हैं। जालंधर में भी विभिन्न ट्रेड यूनियनों जैसे बैंक कर्मचारी, मिड डे मील कर्मचारियों, व्यापारी वर्ग, पंजाब रोडवेज कर्मचारी और अन्यों ने विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया।

इस दौरान विभिन ट्रेड यूनियनों के कर्मचारियों ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील का कड़ा विरोध किया। वहीं प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की बीजेपी सरकार का कड़ा विरोध किया और प्रधानमंत्री मोदी से यह डील रद्द करने की मांग की। इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान आज जालंधर बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मचारियों द्बारा अपनी मांगों को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। उनका कहना है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।


 

वहीं जालंधर के ट्रेड डील के विरोध में आज श्री राम चौक पर पीएनबी बैंक कर्मियों ने बैंक का कामकाज छोड़कर कड़ा रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को कर्मचारियों के हितों का हैं करने वाली सरकार बताया और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इसी तरह आज जालंधर के बीएमसी चौक पर भी आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बनाए कई कानून मुलाजिमों के हित में नहीं है। कर्मचारियों ने कहा कि आज मुख्यमंत्री मान जालंधर में लोक मिलने के लिए पहुंचे थे लेकिन वह उनसे मिल नहीं पाए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

 

 

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