



दोआबा न्यूज़लाइन
चंडीगढ़: पंजाब की महिलाओं के लिए 1 अक्टूबर का दिन आर्थिक सहायता के लिहाज से अहम रहने वाला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक बार फिर सम्मान राशि जमा करवाई जाएगी। इस बार भी सरकार की ओर से तीन महीने की राशि एक साथ खाते में भेजे जाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने 19 सितंबर को संगरूर जिले के बलीआं में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान इसका ऐलान किया था।




सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 3000 रुपये
योजना के तहत सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तीन महीने की राशि एक साथ जारी होने पर उनके खाते में 3000 रुपये पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पंजाब में इस योजना से जुड़ी लाभार्थी महिलाओं के बीच 1 अक्टूबर को राशि आने को लेकर चर्चा है।
अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 4500 रुपये


अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए मासिक सहायता राशि 1500 रुपये बताई गई है। ऐसे में तीन महीने की राशि एक साथ जारी होने पर संबंधित लाभार्थियों के बैंक खातों में 4500 रुपये जमा होंगे। जुलाई में योजना की पहली किस्त के दौरान भी सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 3000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 4500 रुपये तीन महीने की राशि के रूप में दिए गए थे।
जुलाई में 1100 करोड़ रुपये किए गए थे जारी
सरकार ने योजना की शुरुआत करते हुए जुलाई में करीब 1100 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में सीधे हस्तांतरित की थी। उस समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी से योजना के तहत राशि जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक उस चरण में करीब 40 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका था और जुलाई, अगस्त तथा सितंबर की सहायता राशि एक साथ दी गई थी।
मोबाइल पर आएगा बैंक खाते में राशि जमा होने का संदेश
मुख्यमंत्री ने 19 सितंबर को घोषणा करते हुए कहा था कि 1 अक्टूबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर राशि खाते में आने की सूचना मिलेगी। सरकार की योजना के तहत सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। इसलिए लाभार्थियों के लिए बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी सही होना महत्वपूर्ण है।
योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रावधान
‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू किया है। योजना में सामान्य श्रेणी की महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता का प्रावधान बताया गया है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
पहले जुलाई में एक साथ मिली थी तीन महीने की राशि
इस योजना के तहत पहली बड़ी राशि 1 जुलाई को जारी की गई थी। उस समय सरकार ने तीन महीने की सहायता एक साथ देने का फैसला किया था। सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में 3000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खातों में 4500 रुपये जमा किए गए थे। इसके बाद सितंबर में मुख्यमंत्री ने अक्टूबर से अगली किस्त फिर शुरू करने की घोषणा की।
1 अक्टूबर पर लाभार्थियों की नजर
अब 1 अक्टूबर को योजना की अगली राशि जारी होने की घोषणा के बाद लाभार्थी महिलाओं की नजर बैंक खातों और मोबाइल संदेशों पर रहेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक इस बार भी तीन महीने की सहायता राशि एक साथ खाते में पहुंचाई जाएगी। हालांकि वास्तविक क्रेडिट बैंकिंग प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग समय पर दिखाई दे सकता है।



