

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: शहर के मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्टाफ और विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही जनवरी माह में एक विशेष उत्साह देखने को मिलता है। कॉलेज के द्वितीय एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को पहले से ही ज्ञात होता है कि 19 अप्रैल को सभी डी.ए.वी. स्कूलों एवं कॉलेजों में महात्मा हंसराज जी की जयंती मनाई जाती है। मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज एक तकनीकी संस्थान है, इसलिए यहां महात्मा हंसराज जी को श्रद्धांजलि देने का एक विशिष्ट तरीका अपनाया जाता है। उनके जन्मोत्सव के सप्ताह के दौरान महात्मा हंसराज तकनीकी उत्सव का आयोजन किया जाता है।



इस अवसर पर कॉलेज के ऑडिटोरियम में एक विशाल प्रदर्शनी (एग्जीबिशन) आयोजित की जाती है, जहां विद्यार्थी अपने कौशल और मेहनत से तैयार किए गए कार्यशील मॉडल (वर्किंग मॉडल) एवं परियोजनाओं का प्रदर्शन करते हैं। इसकी तैयारियां एक सेमेस्टर पहले ही प्रारंभ हो जाती हैं और शिक्षक विद्यार्थियों का प्रत्येक चरण पर मार्गदर्शन करते हैं। प्रत्येक समूह में पांच से छह विद्यार्थी होते हैं और हर समूह का प्रयास होता है कि वह कोई नया एवं अभिनव कार्यशील मॉडल तैयार करें, जिसमें अनुसंधान और नवाचार के तत्व सम्मिलित हों।
इसके लिए विद्यार्थी पुस्तकालय, इंटरनेट तथा अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों के शोध कार्यों का सहारा लेते हैं। उत्सव के दिन कॉलेज में मेले जैसा वातावरण बन जाता है। विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित करने के लिए टेबल एवं विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं। प्रत्येक समूह अपने प्रोजेक्ट को सर्वोत्तम ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। परियोजनाओं की उच्च गुणवत्ता के कारण सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट का चयन करना भी काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता है, ताकि वे परियोजनाओं को देख सकें और विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श कर सकें।


इस दौरान शिक्षकों एवं दर्शकों द्वारा दिए गए सुझाव विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट में और सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सामान्यतः किसी ऐसे आई.ए.एस. या पी.सी.एस. अधिकारी द्वारा किया जाता है, जिसकी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि हो। दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं तथा डिप्लोमा प्रथम वर्ष के विद्यार्थी इन परियोजनाओं को देखकर आश्चर्यचकित भी होते हैं और प्रेरित भी। उनके मन में यह विश्वास उत्पन्न होता है कि वे भी भविष्य में ऐसे अभिनव प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं। मुख्य अतिथि, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्षों द्वारा मिलने वाले प्रोत्साहन से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठते हैं। वे अनुभव करते हैं कि उनमें भविष्य में किसी उद्योग अथवा बहुराष्ट्रीय कंपनी के अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) प्रोजेक्ट्स से जुड़ने की क्षमता मौजूद है।
इस तकनीकी मेले का एक अन्य महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसके कुछ दिनों बाद पी.टी.आई.एस. द्वारा पंजाब इंटर पॉलिटेक्निक तकनीकी उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसके लिए इसी प्रदर्शनी से चयनित प्रोजेक्ट भेजे जाते हैं। यही कारण है कि मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर हर वर्ष आयोजित होने वाले पंजाब स्तरीय तकनीकी उत्सव में नए मानदंड स्थापित करता आ रहा है। उल्लेखनीय है कि अब तक आयोजित 13 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में से 11 बार मेहरचंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर ने ओवरऑल ट्रॉफी अपने नाम की है।



