



दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: भाजपा के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में हालात गंभीर हैं और सरकार को जगाने के लिए जनआंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के दर्द को सामने लाने के लिए किया जा रहा है।





ढिल्लों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों की पीड़ा बेहद गंभीर है। उन्होंने मोहन्जीत से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री उनकी बात सुन लेते तो शायद स्थिति अलग होती। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।
आगे उन्होंने दलित मजदूर गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उसने नशे के खिलाफ सवाल उठाया था, लेकिन बाद में उसे कथित तौर पर सल्फास खाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। ढिल्लों ने जगराओं की एक महिला का भी उल्लेख किया, जिसके छह बेटों के नशे की चपेट में आने का दावा उन्होंने किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने 18 सितंबर से जनआंदोलन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी रैली करने पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नशे के खिलाफ अपने अभियान को पंजाब के घर-घर तक ले जाना चाहती है।


ढिल्लों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नशे के खिलाफ कई बार बात कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकारों ने उत्तर प्रदेश में गैंगस्टरों और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई की है और इसी तरह पंजाब में भी नशे के नेटवर्क को खत्म करने का संकल्प लिया जाएगा।
उन्होंने पंजाब में औद्योगिक विकास और बिजली संकट को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। ढिल्लों ने दावा किया कि पंजाब के कई हिस्सों में लंबे बिजली कट लग रहे हैं और इसका असर उद्योगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की साइकिल सहित कई औद्योगिक इकाइयों के दूसरे राज्यों में जाने से रोजगार और कारोबार प्रभावित हुआ है।
ढिल्लों ने नीति आयोग की रैंकिंग का हवाला देते हुए पंजाब के विकास को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि कभी अग्रणी राज्यों में शामिल पंजाब अब काफी पीछे चला गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाना है।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि जनआंदोलन के दौरान सामने आने वाली आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि पंजाब के मौजूदा हालात सरकार और जनता के सामने स्पष्ट हो सकें।



