




दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही दिल के मरीजों को अपनी सेहत के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड के मौसम में तापमान कम होने के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।





जालंधर के टैगोर अस्पताल के डॉ. विजय महाजन के अनुसार, सर्दियों में दिल के मरीजों को सुबह और देर रात की अधिक ठंड से बचना चाहिए। बहुत ज्यादा ठंड में अचानक घर से बाहर निकलने से परहेज करें। यदि सुबह सैर पर जाना हो तो धूप निकलने के बाद या मौसम सामान्य होने पर ही जाएं। शरीर को गर्म रखने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और सिर, कान तथा हाथ-पैरों को ठंड से बचाकर रखें।
खान-पान पर दें विशेष ध्यान
डॉ. महाजन के अनुसार, सर्दियों में खान-पान का सीधा असर हृदय की सेहत पर पड़ सकता है। दिल के मरीजों को ज्यादा नमक, घी, मक्खन, तली-भुनी चीजों और अत्यधिक वसा वाले भोजन से परहेज करना चाहिए। अचार, पापड़, नमकीन और पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित रखना चाहिए।


इसके बजाय भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। संतुलित मात्रा में बादाम और अखरोट जैसे सूखे मेवे भी लिए जा सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। ठंड के कारण प्यास कम लगने पर भी शरीर में पानी की कमी न होने दें। हालांकि, जिन मरीजों को हार्ट फेल्योर या किडनी की समस्या के कारण तरल पदार्थ सीमित रखने की सलाह दी गई है, वे डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।
व्यायाम और दवाइयों में न करें लापरवाही
डॉ. महाजन का कहना है कि दिल के मरीजों को नियमित रूप से हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए, लेकिन अत्यधिक ठंड में भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए। अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सैर या व्यायाम करें। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाते रहें। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां समय पर लें और बिना चिकित्सीय सलाह के किसी भी दवा को बंद न करें।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, अचानक पसीना आना, चक्कर आना या असामान्य थकान महसूस हो तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
डॉ. विजय महाजन ने दिल के मरीजों को सलाह दी कि सर्दियों में थोड़ी सी सावधानी, संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या और समय पर दवाइयों के सेवन से हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।



