



दोआबा न्यूज़लाइन


जालंधर: जालंधर के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय में मंगलवार सुबह पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ पेश हुईं। मिली जानकारी के अनुसार कंवलप्रीत बराड़ मोहाली के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए आज ED के सामने पेश हुईं। बता दें कि ईडी ने उन्हें मोहाली स्थित सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था। जांच का मुख्य फोकस प्रोजेक्ट के लिए जमीन के लैंड यूज बदलने (CLU) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं पर है।


दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की शिकायत से हुई थी। किसान करमजीत का आरोप था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने 53 कनाल जमीन समेत 14 किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए और उनपर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवाए थे।
बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। इसी FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान मोहाली और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल समेत संबंधित कंपनियों के अधिकारियों व निदेशकों से इस संबंध में पूछताछ की गई। जिसके बाद ED की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के आवास पर भी छापेमारी की गई थी। जिसके बाद इस मामले अजय सहगल को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया था। अब इस मामले में IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ के जरिए ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कंवलप्रीत बराड़ की CLU मंजूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका रही और कथित अनियमितताओं से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।





