



दोआबा न्यूज़लाइन


जालंधर: जालंधर में कुछ दिन पहले हुए नगर निगम हाउस की हुई बैठक ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर की वास्तविक समस्याओं के प्रति नगर निगम प्रशासन और सत्ताधारी दल कितने गंभीर हैं। नगर निगम बनने के बाद यह हाउस की मात्र चौथी बैठक थी, लेकिन इतने समय के बाद भी शहर के बुनियादी मुद्दे जस के तस बने हुए हैं।


यह बात विपक्ष के नेता एवं वार्ड नंबर 5 के पार्षद मनजीत सिंह टीटू ने बैठक के बाद कही। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में जनता की समस्याओं पर गंभीर चर्चा करने के बजाय सत्ताधारी दल द्वारा अपनी पहले से तय कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए बजट पास करवा लिया गया।
उन्होंने कहा कि पार्षद जनता की समस्याओं को लेकर हाउस में आए थे, लेकिन न तो उनकी बात को उचित महत्व दिया गया और न ही उठाए गए सवालों के स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिए गए। यदि चुने हुए जनप्रतिनिधियों की आवाज ही हाउस में नहीं सुनी जाएगी, तो फिर इस लोकतांत्रिक संस्था की बैठक का उद्देश्य क्या रह जाता है?


मनजीत सिंह टीटू ने तीखे शब्दों में कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए आज की बैठक का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि जिन बजटों और प्रस्तावों को वह पारित करवाना चाहती थी, वे पास हो गए। लेकिन शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी निराशा यह रही कि उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि आज जालंधर की जमीनी हकीकत किसी से छिपी नहीं है। कई इलाकों में सीवरेज की समस्या गंभीर बनी हुई है, सड़कों की हालत खराब है और कूड़े की समस्या के कारण लोग परेशान हैं। जनता स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की मांग कर रही है, लेकिन नगर निगम की बैठक में इन मुद्दों के समाधान की बजाय बजट पास करने को ही प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा, “बजट पास करना कोई उपलब्धि नहीं है। उपलब्धि तब होगी जब उस बजट का पैसा जमीन पर काम करता हुआ दिखाई देगा। लोगों को कागजों पर बजट नहीं, बल्कि साफ-सुथरा शहर, चलने योग्य सड़कें और बेहतर सीवरेज व्यवस्था चाहिए।”
विपक्ष के नेता ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव के बिना जालंधर की जनता के मुद्दों को हाउस में पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे। सत्ताधारी दल को बजट पास करने से आगे बढ़कर यह भी बताना होगा कि शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए कब, कितना और कहां काम किया जाएगा।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि अब केवल बजट पास करने से काम नहीं चलेगा। जालंधर की जनता को परिणाम चाहिए और नगर निगम को उन परिणामों का हिसाब भी देना होगा।



