

दोआबा न्यूज़लाइन

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज 19 जून, 2026 को ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के मौके पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है।


उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है; यह पूरे विश्व में आनुवंशिक रोगों की जांच-परख की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। राष्ट्रपति ने कहा कि मिशन मोड में की गई स्क्रीनिंग का ही परिणाम है कि अब तक लगभग 2.5 लाख लोगों में सिकल सेल संबंधी रोग चिह्नित किये जा चुके हैं, और इस रोग के 20 लाख से भी अधिक वाहक (कैरियर) भी पहचाने जा चुके हैं। उन्होंने वाहकों की इतनी बड़ी संख्या से जुड़ी चुनौतियों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्रपति ने आगे सिकल सेल से जुड़े रोगियों और वाहकों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी समुचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्तूबर, 2025 तक चले “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत चार लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग का कीर्तिमान स्थापित करके इस समस्या के समाधान हेतु अमूल्य योगदान दिया है।


राष्ट्रपति ने गौर किया कि मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष ‘विश्व सिकल सेल दिवस’ पर “सिकल मित्र” पहल का शुभारंभ किया गया था। इस पहल के अंतर्गत जागरूकता बढ़ाने, रोगियों को सहायता प्रदान करने के लिए शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रदेशों की समेकित शक्ति और सक्रियता से हम वर्ष 2047 से बहुत पहले ही देश से सिकल सेल संबंधी रोगों के उन्मूलन के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में अवश्य सफल होंगे।


