




दोआबा न्यूज़लाईन
जालंधर : मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद एक्शन कमेटी की ओर से आज पंजाब बंद का आह्वान किया गया था। इस बीच शहर में बंद की कॉल का मिलाजुला असर देखने को मिला। इस दौरान सड़कें सुनसान नजर आई और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ देखने को मिला।




जालंधर में प्रदर्शन को हर वर्ग ने समर्थन दिया। किसानों के रोष प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने किसान नेताओं को घर में ही नजर बंद कर लिया गया। इस दौरान पुलिस ने एक्शन लेते हुए प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया। बंद के मद्देनजर कई निजी स्कूलों ने भी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीती रात अभिभावकों को मैसेज भेजकर छुट्टी की सूचना दी थी। जो स्कुल खुले थे, उन्हें समर्थको ने बंद करवाया गया। मेडिकल और इमरजेंसी सुविधाएं खुली रही। किसान संगठनों ने लुधियाना, बठिंडा और मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे जाम कर दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियो ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाए गए कि पुलिस ने जबरन हमारे नेताओं को उठाया है। हम जनता को आने-जाने के लिए रास्ता दें रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमारे साथ धक्का किया। पंजाब में नशे को मुक्त करने के लिए झोटा ने अपने आपको कुर्बान कर दिया, लेकिन यह प्रशासन ने हमारे साथ सहयोग नहीं किया। प्रदर्शन करना हमारा अधिकार है, इसे कोई भी छीन नहीं सकता।





