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GNA यूनिवर्सिटी ने कॉर्पोरेट प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया सफल आयोजन

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

फगवाड़ा/जालंधर: फगवाड़ा की जीएनए यूनिवर्सिटी ने 22 से 26 जून 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय कॉर्पोरेट प्रशिक्षण कार्यक्रम “इमर्जिंग ट्रेंड्स एंड टेक्नोलॉजीज़ इन इंडस्ट्री 4.0-2026 (ईटीटीआई 4.0- 2026)” का सफलतापूर्वक समापन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की अग्रणी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) कंपनियों से आए पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम ज्ञान साझा करने, कौशल विकास तथा उद्योग और शिक्षाविदों के बीच सहयोग को सशक्त बनाने का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।

मैकेनिकल एवं ऑटोमेशन इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत के पेशेवरों को आधुनिक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से उभर रही नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान सीएडी (सीएडी) आधारित प्रोडक्ट एवं जनरेटिव डिजाइन, 3डी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल मेट्रोलॉजी (जीडी एंड टी), डिजाइन वैलिडेशन एवं ऑप्टिमाइजेशन सहित इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी विभिन्न अत्याधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप व्यावहारिक समाधान समझने का अवसर मिला।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों से 30 से अधिक पेशेवरों ने भाग लिया। इनमें फोर्ज ऑटो इंटरनेशनल  लिमिटेड, एमजी इंजीनियर्स, अमर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री वर्क्स , कुमार टूल्स , एक्टिव टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, के. के इंडस्ट्रीज, सत्य उद्योग , अब्रोल इंजीनियरिंग को-ऑपरेटिव लिमिटेड, एचआर इंटरनेशनल, वीर इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, फाइन स्विचगियर्स, राइट एंगल इंडस्ट्रीज, कास्टटेक ऑटो प्राइवेट लिमिटेड, अमन इंजीनियरिंग वर्क्स सहित अनेक प्रतिष्ठित उद्योग शामिल रहे।

समापन समारोह में सीमेंस के वरिष्ठ सलाहकार आनंद फड़नीस व एनएक्सजी- सॉल्यूशन पार्टनर से पुनीत धर द्विवेदी एवं सक्षम हंस विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने हेतु जीएनए यूनिवर्सिटी द्वारा किए जा रहे व्यावहारिक एवं भविष्य उन्मुख प्रशिक्षण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उभरती तकनीकों में निरंतर कौशल उन्नयन (अपस्किलिंग) भविष्य के लिए सक्षम विनिर्माण कार्यबल तैयार करने की आवश्यकता है।

आनंद फड़निस ने “इंजीनियरिंग एक्सीलेंस विद डिजाइन सेंटर एंड एआई” विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत इंजीनियरिंग डिजाइन तकनीकें किस प्रकार उत्पाद विकास, नवाचार तथा औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। वहीं, श्री सक्षम हंस ने “डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग विद Siemens PLM” विषय पर सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट लाइफ साइकिल मैनेजमेंट (पीएलएम) समाधान उद्योगों में डिजिटल परिवर्तन, बेहतर सहयोग तथा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को कैसे गति प्रदान कर रहे हैं।

प्रतिभागियों को जीएनए यूनिवर्सिटी की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, विशेष रूप से फानूस सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में आधुनिक विनिर्माण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए जीएनए यूनिवर्सिटी के चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा ने कहा कि जीएनए यूनिवर्सिटी में हमारा विश्वास है कि उच्च शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति में सक्रिय योगदान देना चाहिए। हमारा उद्देश्य ऐसा सशक्त इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उद्योग और शिक्षण संस्थान मिलकर नवाचार को बढ़ावा दें, कार्यबल की क्षमताओं को विकसित करें तथा पेशेवरों को स्मार्ट एवं विनिर्माण की दिशा में नेतृत्व करने के लिए तैयार करें। ऐसे प्रयास भविष्य के लिए सक्षम प्रतिभाओं के निर्माण तथा भारत को वैश्विक विनिर्माण उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हैं।”

जीएनए यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा,”विनिर्माण का भविष्य उन्नत तकनीकों और कुशल मानव संसाधनों के प्रभावी समन्वय पर आधारित है। ऐसे कॉर्पोरेट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जीएनए यूनिवर्सिटी उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच की दूरी को कम करते हुए पेशेवरों को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आवश्यक ज्ञान एवं दक्षताओं से सशक्त बना रही है।

डीन अकादमिक डॉ. मोनिका हंसपाल ने निरंतर व्यावसायिक शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आज के तेजी से बदलते औद्योगिक परिवेश में आजीवन सीखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल पेशेवरों की तकनीकी दक्षता को बढ़ाते हैं, बल्कि उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच सार्थक सहयोग को भी मजबूत करते हैं, जिससे नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलता है।”

प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के व्यापक पाठ्यक्रम, विशेषज्ञों के संवादात्मक तकनीकी सत्रों, व्यावहारिक प्रदर्शन तथा नेटवर्किंग के अवसरों की सराहना की। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम समन्वयक बलजीत सिंह उभी एवं प्रिंस कुमार ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विशिष्ट विशेषज्ञों, उद्योग सहयोगियों, सहभागी संस्थानों तथा आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। जीएनए यूनिवर्सिटी भविष्य में भी ऐसे व्यावसायिक विकास कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, जो तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए देश के विनिर्माण क्षेत्र के लिए अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

 

 

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