Home जालंधर मेयर और निगम कमिश्नर की गाइडलाइंस में निगम ने की ‘मेरी दुकान मेरे नाम’ स्कीम को लागू करने की पहल

मेयर और निगम कमिश्नर की गाइडलाइंस में निगम ने की ‘मेरी दुकान मेरे नाम’ स्कीम को लागू करने की पहल

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

स्कीम में योग्य लाभार्थियों के मामलों का नियमों के अनुसार किया जाएगा निपटारा

जालंधर: पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार जालंधर नगर निगम ने ‘मेरी दुकान मेरे नाम’ स्कीम को लागू करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मेयर विनीत धीर और निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह की गाइडलाइंस के तहत जॉइंट कमिश्नर डॉ. मंदीप कौर की देखरेख में स्कीम से जुड़े प्रोसेस को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पंजाब सरकार के लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से जारी SOP के मुताबिक एलिजिबल किराएदारों और रहने वालों के मामलों पर पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर ऑफ म्युनिसिपल प्रॉपर्टीज एक्ट, 2020 के सेक्शन 5 के तहत विचार किया जाएगा। स्कीम के तहत मुख्य शर्तों के मुताबिक एप्लीकेंट को 1 अप्रैल, 2008 से या उससे पहले शुरू हुए और 1 अप्रैल, 2020 तक 12 साल के कब्जे का डॉक्यूमेंट्री सबूत देना होगा। सिर्फ़ लंबे समय तक कब्ज़ा होने से अपने आप मालिकाना हक नहीं मिल जाएगा। एप्लीकेंट की एलिजिबिलिटी, प्रॉपर्टी का लीगल स्टेटस, इनकम कैटेगरी और 50 वर्ग मीटर संबंधी लागु प्रबंधा और बिल्डिंग रूल्स से जुड़े लागू प्रोविज़न चेक किए जाएंगे।

एप्लीकेशन के साथ पहचान और पते का प्रूफ, पज़ेशन के डॉक्यूमेंट, अलॉटमेंट/लीज़ पेपर, जहाँ भी उपलब्ध हों, किराए की रसीदें और दूसरे ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे। एलिजिबल मामलों में मालिकाना हक ट्रांसफर और रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस पब्लिक नोटिस, ऑब्जेक्शन के डिस्पोजल, वैल्यूएशन और सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन हाउस से ज़रूरी अप्रूवल के बाद ही किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद भी एक्ट के अनुसार 20 साल के लिए तय पाबंदियां लागू रहेंगी।

इन एप्लीकेशनों को जमा करने की जगह: एप्लीकेंट अपनी एप्लीकेशन और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स तहबाजारी ब्रांच, रूम नंबर 88, तीसरी मंज़िल, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जालंधर में ऑफिस टाइम में जमा कर सकते हैं। सभी मामलों का निपटारा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा लागू एक्ट, नियमों और सरकारी निर्देशों के अनुसार ट्रांसपेरेंट तरीके से किया जाएगा।

 

 

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