




दोआबा न्यूज़लाइन
फगवाड़ा: फगवाड़ा की जीएनए यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन (सेडा-ई ) द्वारा इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन के सहयोग से ISTE स्टूडेंट्स ज़ोनल कन्वेंशन- टेक-प्रज्ञा 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने उभरते हुए तकनीकी विशेषज्ञों को अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता, नवाचार और समस्या-समाधान क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान किया। साथ ही, इसने विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया।





इस कन्वेंशन में उत्तर भारत के 25 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने दस तकनीकी एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं- इनोवेशन एरीना, डिज़ाइन-ओ-टेक, टेक वाणी, कोड एंड कॉन्कर, कोरियोग्राफी, एआईएक्सप्लोर, टेक-रंग, ट्रेज़र हंट, ऐड मैड शो और रीयूज एंड क्रिएट के माध्यम से अपनी प्रतिभा और नवाचारी सोच का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों का अन्वेषण करने, व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग करने तथा वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह की शोभा जसलीन कौर सीहरा, प्रो-चांसलर, जीएनए यूनिवर्सिटी तथा विशिष्ट अतिथियों डॉ. विकास चावला, चेयरमैन, ISTE सेक्शन एवं डायरेक्टर, IKGPTU कैंपस, होशियारपुर और प्रो. आर. एस. सलारिया, प्रख्यात शिक्षक, प्रसिद्ध लेखक एवं प्रेरक वक्ता की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी। अपने संबोधन में अतिथियों ने तेजी से बदलती दुनिया में नवाचार, निरंतर सीखने, तकनीकी प्रगति और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षताओं को बढ़ाने, उभरती हुई तकनीकों को अपनाने और अपने पेशेवर करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
जीएनए यूनिवर्सिटी के चांसलर एस. गुरदीप सिंह सीहरा ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और नवाचार की भावना की सराहना की। उन्होंने तकनीकी आयोजनों और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से शैक्षणिक ज्ञान तथा उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करने के महत्व पर प्रकाश डाला।


इस समग्र चैंपियनशिप में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। आईकेजी पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर ने ओवरऑल विजेता का खिताब हासिल करते हुए ₹5,100 का नकद पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, गुलज़ार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, खन्ना ने प्रथम उपविजेता का स्थान प्राप्त किया और ₹3,100 का नकद पुरस्कार जीता। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जालंधर द्वितीय उपविजेता रहा और उसे ₹2,100 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। तीनों विजेता टीमों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिए गए।
कन्वेंशन का एक प्रमुख आकर्षण आईएसटीई बेस्ट स्टूडेंट प्रोजेक्ट अवॉर्ड्स का वितरण रहा। इसके अंतर्गत विभिन्न संस्थानों के 15 विद्यार्थियों को उनकी श्रेणियों के अनुसार उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारी परियोजनाओं, तकनीकी दक्षता तथा इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान के लिए ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों का उद्देश्य युवा नवप्रवर्तकों की अनुसंधान, रचनात्मकता और व्यावहारिक समस्या-समाधान के प्रति समर्पण भावना को पहचानना और प्रोत्साहित करना था।
डॉ. विक्रांत शर्मा, डीन, सेडा-ई और डॉ. हितेश मरवाहा, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, प्रायोजकों, फैकल्टी समन्वयकों और विद्यार्थी आयोजन टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके अमूल्य योगदान से टेक-प्रज्ञा 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, प्रायोजकों, सहभागी संस्थानों, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थी समन्वयकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन टीम के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षताओं को बढ़ाने के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक तकनीकी आयोजनों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
टेक-प्रज्ञा 2026 का समापन अत्यंत सफलतापूर्वक हुआ। इस आयोजन ने युवा प्रतिभाओं को निखारने, तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा नवाचार, सहयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक अवसर उपलब्ध कराने के प्रति जीएनए यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया।



