Home क्राईम जालंधर के मशहूर बॉडी बिल्डर घुम्मन मौत मामले में बड़ी UPDATE, हाईकोर्ट ने नए मेडिकल बोर्ड के गठन पर लगाई रोक

जालंधर के मशहूर बॉडी बिल्डर घुम्मन मौत मामले में बड़ी UPDATE, हाईकोर्ट ने नए मेडिकल बोर्ड के गठन पर लगाई रोक

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

जालंधर: पंजाब के जालंधर के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन मौत मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार घुम्मन मौत मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए उनके द्वारा बनाए नए मेडिकल बोर्ड की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब पहले बोर्ड के 7 विशेषज्ञों ने विस्तृत जांच के बाद इलाज में डॉक्टरों की लापरवाही पाई और जिम्मेदार डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक किए, तो सरकार के पास ऐसे कौन से नए तथ्य सामने आए जिसके आधार पर दूसरी बार जांच के आदेश दिए गए?

जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट में जस्टिस सुभाष मेहला की बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि जब इस मामले में गठित पहला बोर्ड डॉक्टरों की लापरवाही की पुष्टि कर चुका है तो दूसरे बोर्ड की क्या जरूरत है? कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से 19 मई, 2026 तक जवाब मांगा है।
घुम्मन के परिजनों ने अपनी वकील मेहर सचदेव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दूसरे मेडिकल बोर्ड के गठन को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ता का कहना है कि जब पहले ही एक 7 सदस्यीय बोर्ड डॉक्टरों को दोषी ठहरा चुका है तो स्वास्थ्य निदेशक को नया बोर्ड गठित करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। घुम्मन के परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली अस्पताल प्रबंधन और आरोपी डॉक्टरों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर दोबारा जांच बिठाई थी।

बताते चलें कि जालंधर के रहने वाले बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल में एक सामान्य ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों के अस्पताल के बहार हंगामा करने के बाद सिविल सर्जन ने एक मेडिकल बोर्ड बनाया था। उस बोर्ड ने जाँच में अपनी रिपोर्ट में 4 डॉक्टरों तपिश शुक्ला, अलका तिवारी, राजेंद्र कौल और अरुण कुमार चोपड़ा को इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी पाया था।

 

 

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