



दोआबा न्यूज़लाइन


आरोपी सीमा क्षेत्र से हेरोइन लाकर पतारा क्षेत्र में करता था सप्लाई


जालंधर: जालंधर ग्रामीण पुलिस के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के निर्देशानुसार जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा नशा तस्करों एवं समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए स्टाफ, जालंधर ग्रामीण को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम ने एक कथित नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसएसपी विर्क ने बताया कि पुलिस अधीक्षक (जांच) विनीत आहलावत तथा उप पुलिस अधीक्षक (जांच) लखविंदर सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर पुष्प बाली, प्रभारी सीआईए स्टाफ, जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह की टीम ने 12 जुलाई 2026 को विशेष चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की।


चेकिंग के दौरान गांव जोहल के निकट मच्छी गेट, जालंधर-होशियारपुर मुख्य मार्ग पर पुलिस टीम को एक व्यक्ति काले रंग का किट बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, जिस पर उसने अपनी पहचान बलजीत सिंह उर्फ बल्ल, पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी गांव छीट्ट, थाना सदर बटाला, जिला गुरदासपुर के रूप में बताई।
एसएसपी जालंधर ग्रामीण ने बताया कि डीएसपी सब-डिवीजन आदमपुर राजीव कुमार को मौके पर बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में आरोपी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके किट बैग से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इस संबंध में थाना पतारा, जिला जालंधर ग्रामीण में एफआईआर नंबर 66 दिनांक 12 जुलाई 2026 के तहत धारा 21(सी), 61 एवं 85 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान 27 वर्षीय बलजीत सिंह उर्फ बल्ल, पुत्र बलविंदर सिंह, निवासी गांव छीट्ट, थाना सदर बटाला, जिला गुरदासपुर के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह पहले स्वयं हेरोइन का आदी था और वर्ष 2025 में नशा मुक्ति केंद्र से उपचार करवा चुका है। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में उसके खिलाफ जिला कपूरथला में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह जमानत पर रिहा हो गया था। रिहाई के बाद वह कथित तौर पर सीमा क्षेत्र से हेरोइन लाकर जालंधर के पतारा तथा आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करने लगा।
एसएसपी जालंधर ग्रामीण ने बताया कि आरोपी का पुलिस रिमांड हासिल कर बरामद हेरोइन के स्रोत, इसकी सप्लाई चेन तथा इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में गहन जांच की जाएगी। आरोपी के फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंक की भी जांच की जा रही है। नशा तस्करी से अर्जित किसी भी चल अथवा अचल संपत्ति की पहचान कर कानून के अनुसार उसे अटैच करने की कार्रवाई भी की जाएगी।



