Home जालंधर अमित शाह की महारैली से पहले ट्रैफिक प्लान पर बड़ी राहत: जालंधर-दिल्ली हाईवे पर नहीं होगा डायवर्जन, 62 एकड़ में तैयारियां

अमित शाह की महारैली से पहले ट्रैफिक प्लान पर बड़ी राहत: जालंधर-दिल्ली हाईवे पर नहीं होगा डायवर्जन, 62 एकड़ में तैयारियां

by Doaba News Line

जालंधर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 30 सितंबर को जालंधर में होने वाली महारैली को लेकर शहर से लेकर रैली स्थल तक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परागपुर के पास जीटी रोड पर होने वाली इस रैली के लिए करीब 62 एकड़ क्षेत्र में व्यवस्थाएं की गई हैं। भाजपा की चारों ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का समापन इसी कार्यक्रम में होगा। रैली को अमित शाह दोपहर करीब 2 बजे संबोधित करेंगे। आयोजन स्थल पर पार्किंग से लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन तक के इंतजाम किए जा रहे हैं। ताजा रिपोर्टों में रैली क्षेत्र को लगभग 60 से 65 एकड़ तक बताया गया है और बड़ी संख्या में बसों के पहुंचने की तैयारी की जानकारी सामने आई है।

रैली से पहले जालंधर और आसपास के वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। एडीसीपी ट्रैफिक ओलंपियन गुरबाज सिंह के मुताबिक फिलहाल रैली के कारण किसी प्रकार का ट्रैफिक डायवर्जन लागू नहीं किया गया है और न ही कोई अलग रूट प्लान जारी किया गया है। इसका मतलब यह है कि जालंधर से दिल्ली जाने और दिल्ली की तरफ से जालंधर आने वाले वाहनों के लिए हाईवे सामान्य रूप से खुला रहेगा।

हालांकि रैली वाले दिन वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में हाईवे खुला रहने के बावजूद वाहन चालकों को रैली स्थल के आसपास अतिरिक्त भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर नजर रखे जाने और जरूरत के अनुसार मौके पर प्रबंधन किए जाने की बात कही गई है।

भाजपा ने रैली में आने वाले समर्थकों और कार्यकर्ताओं के वाहनों के लिए आयोजन स्थल के आसपास ही पार्किंग की व्यवस्था की है। इससे बाहर से आने वाली बसों और अन्य वाहनों को शहर की अंदरूनी सड़कों पर ले जाने की जरूरत कम होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार करीब 2,000 से अधिक बसों के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

पार्किंग व्यवस्था इस आयोजन का अहम हिस्सा है, क्योंकि पंजाब के अलग-अलग जिलों से लोग बसों के जरिए जालंधर पहुंचेंगे। रैली स्थल के बड़े क्षेत्र में पार्किंग और सभा से संबंधित अलग-अलग व्यवस्थाएं करने की योजना है। इसका उद्देश्य यह है कि रैली में आने वाले वाहनों का दबाव मुख्य हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर कम से कम पड़े।

अमित शाह की जनसभा के लिए जगह जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर परागपुर क्षेत्र में चिन्हित की गई है। यह खुला क्षेत्र लिली रिजॉर्ट के आसपास का इलाका बताया गया है। यहां भाजपा ने तैयारियां शुरू करने से पहले भूमि पूजन भी किया था।

रैली के लिए बनाए जा रहे पंडाल और मंच को लेकर भी व्यापक तैयारी की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 28 एकड़ में एसी पंडाल तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए बैठने और आवाजाही के लिए अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्था की जा रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को रैली को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम दोपहर के समय रखा गया है और शाह के करीब 2 बजे मंच से जनता को संबोधित करने की जानकारी है। उनके दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन भी अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं।

रैली से पहले अमित शाह के श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने का कार्यक्रम भी बताया जा रहा है। मंदिर में दर्शन के बाद उनके रैली स्थल की ओर रवाना होने की संभावना है। हालांकि इस कार्यक्रम की अंतिम आधिकारिक समय-सारणी में बदलाव संभव है।

भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का अभियान 18 सितंबर से शुरू हुआ था। पार्टी ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से चार यात्राएं निकालीं, जिनका उद्देश्य राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचना था। इन यात्राओं के जरिए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना बनाई गई थी। 30 सितंबर को इन सभी यात्राओं का जालंधर में समापन होना है।

चार यात्राओं को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से शुरू किया गया था। पहली यात्रा पठानकोट जिले के माधोपुर से शुरू हुई, जबकि अन्य यात्राएं फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से रवाना हुईं। इसके बाद इन यात्राओं ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया और अब उनका अंतिम पड़ाव जालंधर है।

भाजपा ने इस अभियान के दौरान नशे के अलावा कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी है। पार्टी की ओर से इसे नशे के खिलाफ जनजागरूकता और जनभागीदारी से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। वहीं राजनीतिक तौर पर यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राज्य में गतिविधियों के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।

यात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा है। दूसरी ओर, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि अभियान और उसके दौरान लगाए गए राजनीतिक आरोप पार्टी के अपने राजनीतिक दावे हैं। रैली में अमित शाह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों को लेकर आगे का संदेश दे सकते हैं।

जालंधर में होने वाली सभा का मुख्य मुद्दा नशामुक्त पंजाब अभियान है। इसलिए अमित शाह के भाषण में नशे की रोकथाम, तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और पंजाब के युवाओं से जुड़े विषय प्रमुखता से उठने की संभावना है।

भाजपा पहले ही पंजाब में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सत्ता में आने पर दो साल के भीतर नशे के कारोबार को खत्म करने की बात कह चुकी है। हाल के अभियान में भी पार्टी नेताओं ने इस समयसीमा का उल्लेख किया है। ऐसे में जालंधर की रैली में शाह इस मुद्दे को दोहरा सकते हैं या इसके लिए कोई विस्तृत राजनीतिक रोडमैप सामने रख सकते हैं।

रैली से पहले भाजपा की ओर से अमित शाह के भाषण में होने वाले संभावित सभी ऐलानों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए नशे के खिलाफ नई योजना, तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था को लेकर किसी पहल या अन्य पंजाब संबंधी घोषणा को फिलहाल संभावित ही माना जाना चाहिए।

राजनीतिक रूप से यह रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क गतिविधियों को तेज किया है। चार यात्राओं के जरिए सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का दावा इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है।

रैली के दिन दिल्ली-जालंधर मार्ग पर चलने वाले लोगों की नजर सबसे ज्यादा ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगी। एडीसीपी ट्रैफिक ओलंपियन गुरबाज सिंह के अनुसार फिलहाल हाईवे के लिए कोई डायवर्जन और अलग रूट प्लान नहीं है। इसलिए जालंधर से दिल्ली और दिल्ली से जालंधर आने-जाने वाला मुख्य मार्ग खुला रहेगा।

हालांकि, रैली में हजारों वाहनों के आने की संभावना के चलते परागपुर और आसपास के क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में हाईवे पर औपचारिक डायवर्जन नहीं होने के बावजूद वाहन चालकों को रैली क्षेत्र के आसपास धीमी गति और अतिरिक्त भीड़ के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। पुलिस की निगरानी और मौके की स्थिति के अनुसार यातायात प्रबंधन अहम रहेगा।

अमित शाह के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रैली स्थल पर प्रवेश, पार्किंग, मंच, भीड़ और वीआईपी आवाजाही के लिए अलग-अलग प्रबंध किए जा रहे हैं। आयोजन का बड़ा क्षेत्र होने के कारण प्रशासन और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को व्यवस्थित तरीके से सभा स्थल तक पहुंचाने और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्हें वापस निकालने की होगी।

भाजपा की ओर से पंजाब के विभिन्न हिस्सों से लोगों को जालंधर लाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। इससे रैली स्थल के आसपास कुछ समय के लिए वाहनों की संख्या काफी बढ़ सकती है। यही वजह है कि पार्किंग को आयोजन स्थल के आसपास ही रखने पर जोर दिया गया है।

चार यात्राओं के 4,000 किलोमीटर के सफर के बाद जालंधर में होने वाली यह सभा भाजपा के अभियान का अंतिम पड़ाव है। पार्टी ने सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा था।

अब बुधवार को होने वाली महारैली में अमित शाह के भाषण पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। एक तरफ रैली नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान का समापन करेगी, वहीं दूसरी तरफ 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में भाजपा के आगामी मुद्दों और रणनीति का संकेत भी सामने आ सकता है।

फिलहाल रैली की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जालंधर-दिल्ली हाईवे पर किसी औपचारिक ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा नहीं की गई है और अलग रूट प्लान भी लागू नहीं किया गया है। हाईवे सामान्य यातायात के लिए खुला रहेगा, जबकि परागपुर स्थित रैली स्थल पर पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अमित शाह मंच से नशे के मुद्दे पर क्या संदेश देते हैं और पंजाब को लेकर कौन-सी नई घोषणाएं सामने आती हैं।

 

 

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