Home जालंधर दूध के रेट को लेकर जमशेर में विवाद, राधेश्याम डेयरी संचालक ने लगाया धमकाने और हंगामा करने का आरोप

दूध के रेट को लेकर जमशेर में विवाद, राधेश्याम डेयरी संचालक ने लगाया धमकाने और हंगामा करने का आरोप

by Doaba News Line

राधेश्याम बोले- 1996 से ईमानदारी से कर रहा हूं कारोबार, दूध में मिलावट के आरोप बेबुनियाद; फूड सेफ्टी विभाग के सैंपल लगातार पास हुए

जालंधर : जमशेर स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में दूध के रेट को लेकर विवाद सामने आया है। राधेश्याम डेयरी के संचालक राधेश्याम ने थाना सदर जालंधर में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कुछ डेयरी संचालकों और आसपास के गांवों से जुड़े लोगों की ओर से उन पर दूध के रेट बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है। राधेश्याम का कहना है कि जब उन्होंने तत्काल दूध के रेट बढ़ाने से इनकार किया तो कुछ लोगों ने उनकी दुकान पर पहुंचकर उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की तथा डेयरी बंद करवाने की धमकियां दीं। उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

राधेश्याम की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वह डेरिया कॉम्प्लेक्स जमशेर में लंबे समय से राधेश्याम डेयरी के नाम से कारोबार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से दो-तीन बार कुछ डेयरी संचालकों और बाहरी गांवों से आए लोगों ने उन पर दूध के दाम बढ़ाने के लिए दबाव बनाया। राधेश्याम के मुताबिक उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आगे से दूध खरीदने या सप्लाई के रेट बढ़ते हैं तो वह भी परिस्थितियों के अनुसार अपने रेट में बदलाव कर सकते हैं, लेकिन बिना वजह ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालना उनके लिए उचित नहीं है।

राधेश्याम ने कहा कि उनका कारोबार करीब तीन दशक से चल रहा है और उन्होंने हमेशा ग्राहकों के भरोसे को प्राथमिकता दी है। उनका दावा है कि वर्ष 1996 से वह डेयरी कारोबार कर रहे हैं और लगातार साफ-सुथरे तरीके से काम करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में उन्होंने मेहनत और ईमानदारी के बल पर अपनी पहचान बनाई है। उनका कहना है कि कुछ लोग व्यक्तिगत रंजिश या अन्य कारणों से उनके कारोबार में दखलअंदाजी कर रहे हैं और दूध के रेट बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।

राधेश्याम डेयरी को लेकर कुछ डेयरी संचालकों की ओर से कथित तौर पर नकली दूध बेचने के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। राधेश्याम ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नकली या मिलावटी दूध बेचने का काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके दूध की गुणवत्ता को लेकर किसी को संदेह है तो संबंधित विभाग जांच कर सकता है।

राधेश्याम के अनुसार, फूड सेफ्टी विभाग की ओर से समय-समय पर उनकी डेयरी से दूध के सैंपल लिए जाते रहे हैं। उनका दावा है कि अब तक लिए गए सैंपल मानकों पर खरे उतरे हैं। उन्होंने कहा कि हाल में भी विभाग की ओर से सैंपल लिए गए हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच में दूध निर्धारित मानकों के अनुसार ही पाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह किसी भी सरकारी जांच से पीछे हटने वाले नहीं हैं और दूध की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शी जांच के लिए तैयार हैं।

थाना सदर में दी गई शिकायत में राधेश्याम ने आरोप लगाया कि करीब शाम 5:30 बजे कुछ लोग उनकी दुकान पर पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। राधेश्याम का आरोप है कि इस दौरान उन्हें डेयरी बंद करवाने की धमकी भी दी गई।

उन्होंने शिकायत में कहा कि उन्हें यह भी कहा गया कि अगर दूध के रेट नहीं बढ़ाए तो उनकी दुकान बंद करवा दी जाएगी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विवाद बढ़ता देख उन्होंने पुलिस को फोन किया। पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मौके पर मौजूद लोग धीरे-धीरे वहां से चले गए।

राधेश्याम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें उनकी पहचान को लेकर अपमानजनक बातें कहीं और कथित तौर पर यह कहा कि वह प्रवासी हैं और उनके बराबर बात करने की हिम्मत कैसे कर रहे हैं। राधेश्याम का कहना है कि कारोबार में इस तरह की भाषा और दबाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि दुकान पर पहुंचकर हंगामा करने और उन्हें कथित तौर पर धमकाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

राधेश्याम ने बताया कि उनकी डेयरी से बड़ी संख्या में लोग दूध लेते हैं। उनके मुताबिक करीब 250 से 300 ग्राहक नियमित रूप से उनकी डेयरी से दूध खरीदते हैं। उनका कहना है कि इन ग्राहकों का भरोसा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यदि दूध के दाम अचानक बढ़ाए जाते हैं तो इसका सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि दूध रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है और वह बिना किसी ठोस कारण के इसके दाम बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि रेट बढ़ने से ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और लंबे समय से बनी उनकी ग्राहक संख्या पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए फिलहाल वह किसी भी दबाव में दूध के रेट बढ़ाने को तैयार नहीं हैं।

राधेश्याम ने कहा कि उन्होंने करीब तीन दशक की मेहनत से अपना कारोबार खड़ा किया है। उनके अनुसार, उन्होंने वर्ष 1996 में इस कारोबार की शुरुआत की थी और धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा हासिल किया। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे इस समय कनाडा में हैं और उन्होंने खुसरूपुर में भी एक डेयरी शुरू की हुई है। उनका कहना है कि कारोबार को आगे बढ़ाने के पीछे वर्षों की मेहनत और ग्राहकों का विश्वास है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उनकी डेयरी या दूध की गुणवत्ता को लेकर शिकायत है तो वह संबंधित विभाग में शिकायत कर सकता है और विभागीय जांच करवा सकता है। लेकिन बिना किसी जांच के आरोप लगाकर उनके कारोबार को बदनाम करना या दुकान बंद करवाने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।

राधेश्याम ने थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जांच करने और दुकान पर कथित तौर पर हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं और किसी भी सरकारी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि दूध की गुणवत्ता को लेकर यदि कोई सवाल उठाता है तो उसका जवाब जांच रिपोर्ट से मिल सकता है, लेकिन किसी कारोबारी को धमकाकर या दबाव बनाकर रेट बढ़ाने के लिए मजबूर करना सही तरीका नहीं है।

राधेश्याम का कहना है कि वह लंबे समय से साफ-सुथरे तरीके से कारोबार कर रहे हैं और आगे भी ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहते हैं। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है, ताकि दूध के रेट और गुणवत्ता को लेकर चल रहे विवाद का उचित समाधान हो सके तथा उनका कारोबार बिना किसी दबाव के चलता रहे।

साबी सरपंच ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व राधेश्याम को बेवजह से गुमराह कर रहे हैं। उसे किसी वजह से परेशान नहीं किया जा रहा है। जबकि उसे समझाया जा रहा है कि ₹5 दूध के रेट बढ़ाएं जाएं , लेकिन एक व्यक्ति उसे बेवजह से हमारे खिलाफ भड़का रहा है। बाकी सारी यूनियन उनके साथ है नकली दूध के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

 

 

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