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GNA विश्वविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए आंतरिक हैकाथॉन का आयोजन

by Doaba News Line

दोआबा न्यूज़लाइन

फगवाड़ा/जालंधर: फगवाड़ा के जीएनए विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच ) 2026 के लिए प्रतिभाशाली टीमों की पहचान एवं चयन हेतु 11 सितंबर 2026 को आंतरिक हैकाथॉन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं में नवाचार, रचनात्मकता, उद्यमिता एवं समस्या-समाधान की भावना को बढ़ावा देना है।

इस आंतरिक हैकाथॉन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान 486 विद्यार्थियों की 81 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागी टीमों ने 61 समस्या वक्तव्यों (प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स) पर प्रतिस्पर्धा करते हुए विभिन्न वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए अपने अभिनव विचार एवं तकनीक-आधारित समाधान प्रस्तुत किए।

प्रतिभागी टीमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि एवं ग्रामीण विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, साइबर सुरक्षा, सतत विकास सहित कई उभरते एवं प्रभावशाली क्षेत्रों में अपने समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. हेमंत शर्मा, वाइस चांसलर,जीएनए विश्वविद्यालय, डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स एवं स्पोक, एसआईएच 2026; डॉ. सी. आर. त्रिपाठी तथा अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। गणमान्य अतिथियों ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए तकनीक, रचनात्मकता एवं नवाचार का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. हेमंत शर्मा, वाइस चांसलर, जीएनए विश्वविद्यालय ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन युवा नवाचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नए एवं प्रभावी समाधान विकसित करने तथा देश के विकास एवं तकनीकी प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

आंतरिक हैकाथॉन ने विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी जानकारी, रचनात्मकता, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, उद्यमशील सोच एवं समस्या-समाधान कौशल प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। प्रतिभागी टीमों ने एक प्रतिष्ठित जूरी पैनल एवं निर्णायकों के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत किए। टीमों का मूल्यांकन उनके समाधान की गुणवत्ता, नवाचार, व्यवहार्यता तथा संभावित प्रभाव के आधार पर किया गया।

डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स एवं स्पोक, एसआईएच 2026 ने विद्यार्थियों के उत्साह एवं सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, सहयोग एवं व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में फैकल्टी सदस्यों, मेंटर्स, जूरी सदस्यों, निर्णायकों एवं आयोजन टीमों का महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा। उनके सामूहिक प्रयासों से आंतरिक हैकाथॉन का सफलतापूर्वक संचालन संभव हुआ।

कार्यक्रम की आगे की प्रक्रिया के दौरान डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, स्पोक, एसआईएच  2026 ने प्रतिभागी टीमों को हैकाथॉन के नियमों एवं विनियमों, प्रस्तुति संबंधी दिशा-निर्देशों, मूल्यांकन प्रक्रिया तथा अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अनुशासन बनाए रखने, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा जूरी सदस्यों के समक्ष अपने अभिनव समाधानों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के महत्व पर जोर दिया।

जीएनए विश्वविद्यालय के माननीय चांसलर ने सभी प्रतिभागी टीमों को अपनी शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं मजबूत समस्या-समाधान दृष्टिकोण के साथ अपने अभिनव विचारों को प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया। एसआईएच 2026 के आंतरिक हैकाथॉन के माध्यम से जीएनए विश्वविद्यालय ने नवाचार, उद्यमिता, रचनात्मकता, टीमवर्क एवं तकनीक-आधारित समस्या-समाधान की मजबूत संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार पेशेवर एवं नवाचारी बनने के लिए सशक्त करती है, जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम होंगे।

 

 

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