
दोआबा न्यूज़लाइन
विदेश : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच करीब – करीब डेढ़ महीने से चल रही जंग के बाद अब कहीं जाकर सीजफायर का फैसला लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार अमरीका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बानी है। इस सीजफायर पर बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया है। ट्रम्प ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने का ऐलान किया है, हालांकि इससे कूटनीति के लिए भी संभावित रास्ता खुलता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। इसके साथ ही ईरान भी हमले बंद करेगा। इस सीजफायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच 10 अप्रैल को औपचारिक बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया है।
इस समझौते पर बोलते हुए ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बातचीत की जा सकती है। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसका 10 पॉइंट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। काउंसिल के अनुसार यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है और इसे देश की जीत बताया है।
बताते चलें कि सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी।
