



दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए Tarpan सोनी ने अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। वहीं उनके पिता डॉ. अनिल सोनी ने भी यूजीसी-नेट 2026 की प्रबंधन विषय की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।


तरपन सोनी ने यूजीसी-नेट 2026 की लॉ परीक्षा में 99.82 पर्सेंटाइल हासिल कर जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए योग्यता प्राप्त की। खास बात यह है कि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की और परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 46वीं रैंक प्राप्त की। वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्यरत हैं।


तरपन सोनी ने अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने AILET (PG) 2026 में 22वीं रैंक, CLAT (PG) 2026 में 67वीं अखिल भारतीय रैंक तथा सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित Research Associates Examination 2026 में 32वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की।
पिता ने भी बेटे के साथ हासिल की सफलता
तरपन सोनी की उपलब्धि को उस समय और खास बना दिया, जब उनके पिता डॉ. अनिल सोनी ने भी इसी वर्ष यूजीसी-नेट की परीक्षा दी। उन्होंने मैनेजमेंट विषय में 94.51 पर्सेंटाइल हासिल कर परीक्षा उत्तीर्ण की और अब पीएच.डी. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र हो गए हैं।


डॉ. अनिल सोनी वर्तमान में DAVIET, जालंधर में एसोसिएट प्रोफेसर एवं बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले भी उन्होंने अपनी सीखने की ललक और मेहनत का परिचय दिया है। 56 वर्ष की आयु में पंजाबी मैट्रिकुलेशन परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब में सातवीं रैंक हासिल करना उनकी निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
12वीं में भी रहे जिला टॉपर
तरपन सोनी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने 12वीं की ह्यूमैनिटीज परीक्षा में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया था।
पिता-पुत्र की यह उपलब्धि मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की भावना का प्रेरणादायक उदाहरण है। दोनों की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और सीखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती तथा दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।



