




दोआबा न्यूज़लाईन
जालंधर: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले एक नई अपडेट सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल करेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान योगेश अपूर्वा निवासी मेहराटा, राजस्थान और आदित्य निवासी हाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।




बताया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को LPU हिंसा केस में गाड़ियों की तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी जल्द
प्रेस वार्ता कर इस मामले में खुलासा कर सकते हैं।
बता दें कि LPU हिंसा मामले में इससे पहले पुलिस 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तब तक 20 लोगों को नामजद किया गया था। DIG सिंगला ने प्रेस वार्ता कर इस मामले में सारी अपडेट दी थी।
LPU हिंसा मामला : 9 आरोपी गिरफ्तार


फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में 26 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान यूनिवर्सिटी से जमकर तोड़फोड़, पथराव और वाहनों में आगजनी की घटना सामने आई थी। इसी मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि यूनिवर्सिटी में उपद्रव करने के आरोप में अब तक 9 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें से 7 छात्र और 2 बाहरी लोग हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जेम्स दहिया, गगनदीप, जसमीत कुमार, अंतरिक्ष, साहिल, कृष्णा कुमार, भविष्य करण और आशुतोष शामिल हैं। आगे उन्होंने कहा कि नौवां आरोपी नाबालिग है। अधिकारियों के मुताबिक जसमीत कुमार और गगनदीप यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं हैं वह पिज्जा डिलीवरी का काम करते हैं। डिलीवरी के सिलसिले में उनका यूनिवर्सिटी में आना-जाना था।
लाठीचार्ज मामले में डीआईजी बोले पुलिस की ओर से शुरुआत में कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया था। उनके अनुसार जब कुछ छात्रों की ओर से पुलिस और मीडिया पर पथराव किया गया और वाहनों में आग लगा दी गई, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों को वहां से हटाया था। इस मामले में अब तक 20 आरोपियों की पहचान कर उन्हें केस में नामजद किया गया है। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है।
पंजाब पुलिस का हमेशा से यही मानना रहा है कि छात्रों के साथ प्यार और सहानुभूति से पेश आना चाहिए। पूरी घटना के दौरान पंजाब पुलिस ने बहुत संयम बरता है, क्योंकि वह विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करना चाहती थी। पंजाब पुलिस पीड़ित को न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर अडिग है। छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर रहा है। साथ ही, पंजाब पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि जो कोई भी कानून-व्यवस्था में समस्या पैदा करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा और देश के कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। पंजाब पुलिस सभी के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



