



दोआबा न्यूज़लाइन


अशोक सरीन हिक्की के नेतृत्व में जालंधर भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम SDM-1 को मांगपत्र


सरकार हर प्रभावित वर्ग के साथ सीधे बैठे- अशोक सरीन हिक्की
जालंधर: जालंधर की इंडस्ट्री और व्यापार पर बिजली संकट के बढ़ते असर को लेकर जालंधर भाजपा शहरी ने पंजाब सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। भाजपा शहरी प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अध्यक्षता में भाजपा नेताओं ने डीसी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम-1 शुभी आंगरा को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम मांगपत्र सौंपा।




इस अवसर पर पूर्व विधायक केडी भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगूराल, पूर्व जिला प्रधान सुशील शर्मा, भाजपा नेता दिनेश ढल्ल, प्रदेश सचिव अमरजीत सिंह अमरी, महामंत्री राजेश कपूर और इंडस्ट्री सेल के जिला कन्वीनर हैप्पी दीवान मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि बिजली की कमी और अनियमित आपूर्ति के कारण जालंधर-बेस्ड इंडस्ट्री का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, लागत बढ़ रही है और उद्योगों के सामने आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो रहा है। स्पोर्ट्स गुड्स, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग और अन्य MSME उद्योगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
भाजपा लीडरशिप ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राष्ट्रीय ऊर्जा एक्सचेंज और केंद्रीय पूल से आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त बिजली खरीदकर जालंधर की इंडस्ट्री को 24×7 निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती रोकने, इंडस्ट्रियल इलाकों के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और वोल्टेज कम- ज्यादा होने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई।
“सरकार हर प्रभावित वर्ग के साथ सीधे बैठे”
अशोक सरीन हिक्की ने कहा कि बिजली की समस्या को केवल इंडस्ट्री तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। व्यापारी, इंडस्ट्रियलिस्ट, छोटे कारोबारी और आम उपभोक्ता सहित हर वर्ग बिजली की कमी से प्रभावित है। सरकार को सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और एक समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से समाधान करना चाहिए।
केडी भंडारी ने कहा कि जालंधर की इंडस्ट्री हजारों लोगों को रोजगार देती है। बिजली की अनिश्चितता उत्पादन और रोजगार दोनों के लिए नुकसानदायक है, इसलिए सरकार तत्काल पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करे।
वहीं शीतल अंगूराल ने कहा कि लगातार बिजली की समस्या से उद्योगों की लागत बढ़ रही है। सरकार को ऐसी स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए जिससे जालंधर के उद्योग दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हों।
दिनेश ढल्ल ने कहा कि बिजली संकट का असर उद्योग, व्यापार और आम जनता सभी पर पड़ रहा है। सरकार को जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद कर स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
सुशील शर्मा ने कहा कि सरकार को सभी प्रभावित वर्गों की बैठक बुलाकर वास्तविक स्थिति समझनी चाहिए और बिना देरी किए राहत देनी चाहिए।
अमरजीत सिंह अमरी ने कहा कि इंडस्ट्रियल इलाकों के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ उद्योगों के लिए डेडिकेटेड और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है।
अंत में भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जालंधर की इंडस्ट्री चलेगी तो रोजगार चलेगा और पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसलिए बिजली संकट का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।



