




दोआबा न्यूज़लाईन
कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा विधानसभा सेशन से मुअत्तल




पंजाब : पंजाब विधानसभा सत्र की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के विधायकों ने पहले दिन सदन के बाहर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंक कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते नशे के कारोबार (ड्रग्स) और गैंगस्टरवाद के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। पहले दिन यानि वीरवार को सत्र की कार्रवाई महज 9 मिनट 6 सेकंड चली थी।
विधानसभा सेशन के दूसरे दिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि वो इन तमाम मुद्दों को सदन में उठाकर और सरकार से जवाब मांगेंगे। लेकिन सत्र शुरू होते ही हंगामा हो गया। गले में काले कपड़े डालकर सदन में पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि पहले राज्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो। लेकिन स्पीकर कुलतार संधवां ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। जिसके बाद सदन के अंदर नारेबाजी शुरू कर दी ।
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर वित्तमंत्री हरपाल चीमा परगट सिंह पर भड़के, हरपाल सिंह चीमा ने सीधे पंजाब प्रधान परगट सिंह पर वार करते हुए कहा कि पंजाब को कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने मिलकर बर्बाद किया है। अकाली दल पंजाब के अंदर नशा लेकर आया था, परगट सिंह भी कभी उनके सदस्य रहे। वह जिस तरह पंजाब में चिटा लेकर आये हैं। वह सब जानते हैं।


कांग्रेस के MLA सुखपाल सिंह खैहरा को सेशन के बाकी रहते समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। चीमा ने कहा कि खैहरा ने सदन की मर्यादा भंग की। खैहरा ने इसके जवाब में कहा कि अगर पंजाब के मुद्दे उठाना गुनाह है तो भी मैं ये मुद्दे उठाता रहूंगा।
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज से शुरू, विशेष मुद्दों पर चर्चा
पंजाब : पंजाब विधानसभा सत्र आज से शुरू हो गया है। जो 22 से शुरू होकर, 27 अक्टूबर तक चलेगा। 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार बने रहे। सत्र की शुरुआत दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
आपको बताते कि ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को विधानसभा सत्र में विधायक और नेताओ ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
इस सत्र में जनता की समस्याओं, जरूरी विकास कार्यों और नशे के गंभीर मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। खास बात यह है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के अंतिम विधानसभा सत्रों में शामिल होने के कारण इस बार की कार्यवाही राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



