दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: शहर के संस्कृति केएमवी स्कूल में दीपावली का पावन पर्व बड़े उत्साह, उमंग एवं पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का प्रांगण उत्सव के रंगों से सराबोर हो उठा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर इस पर्व की खुशियों को साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं दीपावली के उल्लास को दर्शाती मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से हुआ। विद्यार्थियों ने पर्यावरण-अनुकूल दीपावली के विषय पर कविताओं एवं बालगीतों का वाचन कर सभी को सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने का संदेश दिया।

वहीं कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों में दीया सजावट, शुभकामना कार्ड निर्माण, कागज़ के फूलों की लड़ियां बनाना, दीया हैंगिंग, अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री बनाना तथा पिडिलाइट के
सहयोग से दीया होल्डर बनाना शामिल रहा। अंतर-सदनीय रंगोली प्रतियोगिता ने समारोह में रंगों एवं रचनात्मकता की मनमोहक छटा बिखेर दी।
इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्या रचना मोंगा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समस्त स्टाफ सदस्यों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियाँ मनाने का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर प्रेम, करुणा, सद्भावना एवं सकारात्मकता का प्रकाश जगाने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन कम-से-कम एक जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने का संकल्प लें तथा अपनी खुशियों में दूसरों को भी सहभागी बनाएँ।
उन्होंने विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमें पटाखों से होने वाले प्रदूषण से बचना चाहिए और स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल दीपावली मनानी चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “सच्ची दीपावली वही है, जब हमारे घरों के साथ-साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में भी खुशियों का दीप जले। दया, सेवा, कृतज्ञता और अच्छे कर्म ही जीवन को वास्तविक अर्थों में प्रकाशमय बनाते हैं‘। कार्यक्रम का समापन आपसी प्रेम, सद्भावना एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।