
दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: भारत सरकार और United States के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को किसान और मजदूर विरोधी बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी एवं देहाती) ने जालंधर के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस समझौते पर पुनर्विचार किया जाए, क्योंकि इससे देश के कृषि और श्रमिक वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री Pargat Singh ने कहा कि यह व्यापार समझौता देशभर के किसानों और मजदूरों के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके लागू होने से भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना था कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छोटे एवं सीमांत किसान अमेरिका जैसे बड़े देशों के विशाल कृषि ढांचे और हजारों एकड़ में फैली खेती से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के लागू होने से घरेलू उत्पादों की जगह विदेशी उत्पाद बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, जिससे बेरोजगारी बढ़ने और देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला प्रधान रजिंदर बेरी, जालंधर वेस्ट की हल्का इंचार्ज सुरिंदर कौर, करतारपुर के हल्का इंचार्ज एवं पूर्व एसएसपी रजिंदर सिंह, नकोदर के हल्का इंचार्ज डॉ. नवजोत दहिया सहित कई अन्य पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार से किसानों और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।


