

दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: जालंधर के गोराया से 3 साल पहले सुनहरे भविष्य की तलाश में रूस गए मनदीप का शव अब बंद ताबूत में घर पहुंचा है। लेकिन मनदीप का परिवार शव का अंतिम संस्कार करने से मन कर रहा हगाई। मृतक के भाई जगदीप ने साफ़ शबों में यह कहा है कि जब तक उसके भाई के कातिल डोंकरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक उनके भाई का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर दोषी डोंकरों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह सड़क जाम कर न्याय मांगेंगे।
वहीं मनदीप के भाई जगदीप ने कहा कि प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के कारण परिवार पिछले काफी समय से परेशान हो रहा है, क्योंकि उन्होंने 1 साल 8 महीने पहले मामला दर्ज करवाया था। इस लंबे अंतराल में 4 तो एस.एस.पी. ही बदल चुके हैं, जिसके चलते उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि कार्रवाई कोण करेगा?

परिवार का कहना है कि उनकी लाख कोशिशों के बाद अब 3 साल बाद उनका बेटा बंद ताबूत में घर लौटा है। बताया जा रहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में उसकी 2024 में गोली लगने के बाद मौत हो गई। वहीं उसके छोटे भाई जगदीप ने मनदीप को जिंदा ढूंढने का 4 बार प्रयास किया मगर असफल रहा। रूस में कभी रशियन लैंग्वेज, कभी पैसा, कभी सरकार की पॉलिसी भाई को ढूंढने में बाधा बनती रही। आखिरकार एक साल की मेहनत के बाद भाई मिला, लेकिन जिंदा नहीं मुर्दा। डेडबॉडी भी ऐसी जिसे पहचानना भी मुश्किल था।
रूस-यूक्रेन युद्ध की बलि चढ़ा गोराया का युवक, ट्रैवल एजेंट के झांसे में आकर गया था विदेश

विदेशों से आये दिन पंजाबी युवाओं के साथ हुई अनहोनी घटनाओं की खबर सामने आती है। इसी कड़ी में अब जालंधर के 30 वर्षीय युवक की रूस में मौत की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार युवक की जान रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच गई थी। मृतक युवक की पहचान 30 वर्षीय मनदीप कुमार, गोराया, जालंधर के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार मनदीप पिछले काफी समय से रूस में था। वह ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर रूस चला गया और उसे कथित तौर पर जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया। जिसके बाद कई महीनों तक लापता रहने के बाद अब रूसी सेना द्वारा मनदीप की मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसका शव भारत लाया गया है, जिससे परिवार और इलाके में शोक का माहौल है।
वहीं मनदीप का भाई जगदीप अपने भाई के लापता होने के बाद उसे ढूंढने के लिए रूस भी गया था। जिसके बाद उसने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष मदद की भी गुहार लगाई थी। कई महीनों तक मनदीप का कोई पता नहीं चल पाया, लेकिन अब रूसी सेना में उसकी मौत की पुष्टि हुई है। मनदीप का पार्थिव शरीर रूस से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। जहां परिवार के सदस्य हवाई अड्डे पर शव लेने पहुंचे। परिजनों ने बताया कि मनदीप कई महीनों से लापता था और अब उसका शव वापस लाया गया है। वहीं परिवार अब जल्द ही मनदीप के पार्थिव शरीर को जालंधर लेकर आएंगे, जहां पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

