
दोआबा न्यूज़लाइन
हिमचाल/पंजाब: पंजाब के वाहनों की हिमाचल में एंट्री पर हिमाचल सरकार द्वारा बढ़ाए गए प्रवेश शुल्क का मामला अब दिन ब दिन गर्माता जा रहा है। हिमाचल की सुक्खू सरकार के इस फैसले से हिमाचल और पंजाब राज्यों के आम लोग खुश नहीं है। आज भी सुक्खू सरकार के बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए गए भारी प्रवेश शुल्क के विरोध में पंजाब-हिमाचल सीमा पर पंजाब के विभिन्न संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। मिली जानकारी के अनुसार इस एंट्री फीस के विरोध में सुबह 11:30 बजे के करीब पंजाब के विभिन्न संगठनों, टैक्सी यूनियनों, समाजसेवियों और स्थानीय नेताओं ने पंजाब के एंट्री पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी।
इस धरना प्रदर्शन के दौरान पंजाब-हिमाचल बॉर्डर पर करीब एक घंटे तक वाहनों आवाजाही बाधित रही। इस धरना प्रदर्शन के चलते बॉर्डर के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आने जाने वालों को गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार और मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बढ़ी हुई एंट्री फीस को गुंडा टैक्स करार देते हुए कहा कि यह फैसला दोनों राज्यों के लोगों के आपसी भाईचारे को समाप्त कर रहा है। वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा कि यह सुक्खू सरकार नहीं, बल्कि दुक्खू और अब भुक्खू सरकार बन गई है, जो गरीब जनता की जेबें काट रही है।
वहीं धरने में मौजूद तलवाड़ा के पार्षद परविंदर, समाजसेवी अंकित राणा, टैक्सी यूनियन के प्रधान दीपक और राजा ने कंडी व सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी में हिमाचल सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज का यह धरना केवल सांकेतिक था। इस दौरान उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर हिमाचल सरकार इस अनुचित टैक्स को तुरंत वापस नहीं लेती है, तो भविष्य में अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिमाचल सरकार अपना फैसला नहीं बदलती है, तो वे पंजाब सरकार से मांग करेंगे कि पंजाब में प्रवेश करने वाली हिमाचल की गाड़ियों पर भी इसी तरह का प्रवेश शुल्क लगाया जाए।
वहीं स्थिति की सूचना मिलते ही पंजाब की तलवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। वहीं दूसरी ओर हिमाचल की सीमा में संसारपुर टैरस के थाना प्रभारी संजय शर्मा ने अपनी पुलिस टीम के साथ मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा और कानून व्यवस्था को बनाए रखा।
