34 युवाओं को रेस्क्यू कर इलाज के लिए सिविल अस्पताल स्थित नशा छुड़ाओ केंद्र भेजा
दोआबा न्यूजलाइन
जालंधर: पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशे के ख़ात्मे के लिए चलाए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत ज़िला प्रसाशन जालंधर ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ग़ैर-कानूनी ढंग के साथ चलाए जा रहे एक प्राईवेट नशा छुड़ाओ केंद्र पर छापेमारी की। छापेमारी दौरान सिविल, सेहत और पुलिस के अधिकारियों की जांच टीम ने 34 युवाओं को केंद्र में से छुडवा कर नशा छुड़ाओ केंद्र को सील कर दिया है।
डिप्टी कमिश्नर डॉ.हिमांशु अग्रवाल ने इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि जांच टीम द्वारा जमशेर में की गई छापेमारी दौरान सामने आया कि साहिबज़ादा फतेह सिंह गुरमत विद्यालय के नाम से ग़ैर- कानूनी ढंग से प्राईवेट छुड़ाओ केंद्र पर चलाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि छापेमारी दौरान यहाँ ग़ैर- कानूनी ढंग से रखे 34 युवाओं को छुडवाया गया और सभी युवाओं को सिविल अस्पताल जालंधर में स्थापित नशा छुड़ाओ केंद्र में भेज दिया गया, जहाँ उनका उचित इलाज यकीनी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग़ैर कानूनी ढंग से चलाए जा रहे इस नशा छुड़ाओ केंद्र को सील कर दिया गया एंव आरोपियों के ख़िलाफ़ कानून अनुसार कार्यवाही की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा।
डॉ.अग्रवाल ने बताया कि ‘ युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत नशा प्रभावित व्यक्तियों को नशे की दलदल से निकालने और पुर्नवास के लिए ठोस यत्न किए जा रहे है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि नशा छोड़ने के बारे में किसी भी तरह की सहायता के लिए ज़िला प्रशासन द्वारा जारी नशा छुड़ाओ केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 0181- 2911960 पर संपर्क किया जा सकता है। छापेमारी टीम में डिप्टी मैडीकल कमिशनर डा. जसविन्दर सिंह, नायब तहसीलदार विपन, एस.एम.ओ. डा. मनदीप कौर, डा.अभयराज सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर परमिन्दर सिंह और एस.एच.ओ. जमशेर संजीव सूरी शामिल थे।
इस बारे में ओर ज्यादा जानकारी हुए देते डॉ.अग्रवाल ने बताया कि पंजाब सरकार ने नशे के ख़िलाफ़ विशेष अभियान शुरू किया हुआ है, जिसके सार्थक नतीजे सामने आ रहे है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम से ज़िले के सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में ओ.पी.डी.में 20 प्रतिशत और दाख़िले में 65 प्रतिशत विस्तार हुआ है। इसी तरह शेखे गांव के पुर्नवास केंद्र में 40 प्रतिशत विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीनों के अंदर जालंधर में एक माडल नशा छुड़ाओ केंद्र और एक माडल पुर्नवास केंद्र केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केन्द्रों में जिमनेज़ियम, कौशल विकास प्रोग्राम, काउंसलिंग सैशन, नशा छोड़ चुके व्यक्तियों द्वारा अपने अनुभव सांझा करना और ठीक हुए मरीजों के लिए नौकरी के अवसर जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत कुछ दवाओं की नशीले पदार्थों के तौर पर दुरुपयोग रोकने के लिए ज़िला प्रशासन ने तीन दवाएँ प्रीगेबलिन कैप्सूल, गैबापेनटिन कैप्सूल और ऐनाफोरटन इंजेक्शन की बिक्री को नियंत्रित किया है। मैडीकल स्टोरों को बिना डाक्टर की पर्ची के इन दवाओं की बिक्री न करने और सही रिकार्ड रखने के आदेश जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि उक्त दवाओं की ग़ैर- कानूनी बिक्री को ट्रैक करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत उल्लंघन करने वाले 32 मैडीकल स्टोरों के लायसैंस निरस्त और दो रद्द किए गए है।
डिप्टी कमिश्नर ने ज़िलानिवासियों को नशे के ख़िलाफ़ शुरु की जंग में सक्रिय सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जारी वाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर नशे संबंधी सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाएगी।