
दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: जीएनए विश्वविद्यालय के SPIC MACAY क्लब द्वारा “विरासत-ए-हिंद” नामक भव्य सांस्कृतिक श्रृंखला का सफल आयोजन किया गया। 9 से 20 फरवरी 2026 तक चले इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत 9 से 11 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय मधुबनी पेंटिंग कार्यशाला से हुई। इस कार्यशाला का संचालन प्रख्यात कलाकार अवधेश कुमार ने किया। प्रतिभागियों को मधुबनी कला की पारंपरिक तकनीकों, प्रतीकों और रूपांकनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। बिहार की इस विश्वविख्यात लोक चित्रकला शैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्राकृतिक रंगों की तैयारी, सूक्ष्म रेखांकन और पौराणिक विषयों के चित्रण की विधियों को सीखा। इस सत्र ने उनकी रचनात्मकता को निखारने के साथ-साथ स्वदेशी कला परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ किया।

14 फरवरी को शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों के लिए Shaheed Bhagat Singh Museum की विरासत यात्रा आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों को शहीद Bhagat Singh के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान से जुड़ी प्रेरक जानकारी प्राप्त हुई। इस अनुभव ने सभी में राष्ट्रीय चेतना और ऐतिहासिक जागरूकता को और प्रगाढ़ किया। 16 फरवरी को विश्वविद्यालय के छात्रावास में विश्वप्रसिद्ध फिल्म It’s a Wonderful Life का विशेष प्रदर्शन किया गया। आशा, करुणा और मानवीय मूल्यों पर आधारित इस प्रेरक फिल्म ने विद्यार्थियों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित किया। 18 फरवरी को परिसर में पुरुलिया छऊ नृत्य की सजीव प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगे परिधान, प्रभावशाली मुखौटे और ऊर्जावान युद्धक मुद्राओं से सुसज्जित इस लोकनृत्य ने भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की भव्यता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
श्रृंखला का समापन 20 फरवरी को पद्मश्री सम्मानित बांसुरी वादक Ronnie Mazumdar (पंडित रोनू मजूमदार) की मोहक शास्त्रीय प्रस्तुति के साथ हुआ। हिंदुस्तानी शास्त्रीय रागों की उनकी भावपूर्ण वादन ने वातावरण को आध्यात्मिक और सुरमय बना दिया। विश्वविद्यालय के चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा, प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा तथा वाइस चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने इस आयोजन को पूर्ण समर्थन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं में समग्र विकास, सौंदर्यबोध और भारतीय मूल्यों की समझ को सुदृढ़ करते हैं।

“विरासत-ए-हिंद” श्रृंखला SPIC MACAY क्लब और जीएनए विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से वे भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
