दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर/फगवाड़ा: फगवाड़ा की जीएनए यूनिवर्सिटी ने 2025 बैच के लिए अपने दीक्षांत समारोह के शुभ अवसर को धूमधाम और गरिमापूर्ण तरीके से मनाया। यह आयोजन मुख्य अतिथि डॉ. हरजिंदर सिंह चीमा, चेयरमैन, चीमा बॉयलर्स लिमिटेड तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वी. के. रत्तन की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ। चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा, प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा, वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. कुनाल बैंस, डीन अकैडेटमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन आर एंड डी डॉ. नीरज पुरी तथा डिप्टी कंट्रोलर एग्ज़ामिनेशन डॉ. अनिल पंडित ने भी दीक्षांत समारोह 2025 के इस पावन अवसर की शोभा बढ़ाई।






कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान के दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। समारोह का संचालन कामिनी वर्मा और परनीत कौर ने मास्टर ऑफ सेरेमनी के रूप में किया। उन्होंने जीएनए समूह और जीएनए यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों को साझा करते हुए इस शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत की।

दीक्षांत समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. हरजिंदर सिंह चीमा तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वी. के. रत्तन को चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा द्वारा सम्मानित करने के साथ प्रारंभ हुई। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने अपने स्वागत भाषण और विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट के साथ दीक्षांत समारोह का औपचारिक आरंभ किया। उन्होंने सभी युवा सफल विद्यार्थियों को बधाई दी, जिन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ चुनौतियों का सामना किया और अपनी मेहनत का फल प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, डॉ. हरजिंदर सिंह चीमा, चेयरमैन, चीमा बॉयलर्स लिमिटेड, ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित होने का अवसर प्रदान करने के लिए जीएनए यूनिवर्सिटी का आभार व्यक्त किया। डॉ. चीमा ने सभी विद्यार्थियों को उनके करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जीवन में हमेशा 100% दें और उम्र को कभी भी व्यक्तिगत या पेशेवर विकास में बाधा न बनने दें। उन्होंने अपना संबोधन इस वाक्य के साथ समाप्त किया- “आज आपका दिन है और हर दिन आपका ही है।”
जीएनए यूनिवर्सिटी ने समाज, उद्योग और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के सम्मान स्वरूप डॉ. हरजिंदर सिंह चीमा को मानद उपाधि डॉक्टरेट ऑफ़ होनोरिस कैसा से विभूषित किया। इसके अतिरिक्त जीएनए यूनिवर्सिटी ने अपनी सबसे प्रतिष्ठित सम्मानित उपाधियों में से एक गवर्नर मेडल, बी.एससी. केमिस्ट्री की छात्रा अनीशा को प्रदान किया।
माननीय विशिष्ट अतिथियों ने 36 स्वर्ण, 29 रजत और 24 कांस्य पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों- जैसे इंजीनियरिंग, बिजनेस स्कूल, हॉस्पिटैलिटी, कंप्यूटेशनल साइंस, प्राकृतिक विज्ञान, अंग्रेज़ी, एनीमेशन और मल्टीमीडिया, हेल्थकेयर साइंस, तथा शारीरिक शिक्षा और खेल से 16 पीएच.डी., 100 पोस्ट ग्रैजुएट और 523 ग्रैजुएट विद्यार्थियों को भी डिग्रियाँ प्रदान की गईं।
जीएनए के चांसलर गुरदीप सिहरा ने डिग्री के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने अर्जित ज्ञान को नवीनतम प्रगतियों में कैसे लागू कर सकते हैं, ताकि समाज के अन्य लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे अपने सीखे हुए ज्ञान को विश्वभर में प्रसारित करें।
समारोह के अंत में विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार ने धन्यवाद करते हुए सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में ईमानदारी और समर्पण के महत्व पर बल दिया, साथ ही जीवन में स्पष्ट दृष्टि बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्होंने जीएनए समूह के औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में किए गए महत्त्वपूर्ण योगदानों की सराहना की। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये योगदान स्थानीय युवाओं के लिए उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर उत्पन्न करेंगे, जिससे वे विश्वभर में रोजगार प्राप्त करने हेतु आवश्यक कौशल विकसित कर सकेंगे। वहीं वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा द्वारा दीक्षांत समारोह 2025 के समापन की घोषणा की गई, जिसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने भावपूर्ण ढंग से राष्ट्रीय गान का सामूहिक गायन किया।



