Home एजुकेशन डीएवी कॉलेज, जालंधर में बायोडायवर्सिटी व पर्यावरण पर तृतीय SOMA डॉ. जगबीर सिंह फोरम लेक्चर आयोजित

डीएवी कॉलेज, जालंधर में बायोडायवर्सिटी व पर्यावरण पर तृतीय SOMA डॉ. जगबीर सिंह फोरम लेक्चर आयोजित

by Doaba News Line

जालंधर: डीएवी कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा बायोडायवर्सिटी एवं पर्यावरण विषय पर तृतीय SOMA डॉ. जगबीर सिंह फोरम लेक्चर सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रख्यात वैज्ञानिक, शोधकर्ता और शिक्षाविद पर्यावरणीय चुनौतियों तथा जैव विविधता संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत पुरी ने स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार का सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में विभाग के संकाय सदस्यों और स्टाफ के योगदान की सराहना की। डॉ. पुरी ने 1918 में स्थापित कॉलेज की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान निरंतर पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के समन्वय के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने डीबीटी स्टार कॉलेज स्कीम के अंतर्गत विभाग को प्राप्त मान्यता और अनुदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध हुआ है।

कार्यक्रम का संचालन डार्विन जूलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष एवं आयोजन सचिव प्रो. पूजा शर्मा ने किया। उन्होंने अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सोसाइटी ऑफ मेडिकल आर्थ्रोपोडोलॉजी (SOMA) के अध्यक्ष प्रो. बी.के. त्यागी ने “डेजर्ट मलेरिया, बदलती वेक्टर डायनेमिक्स और जलवायु परिवर्तन” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की प्रो. देविंदर कौर कोचर, पंजाब यूनिवर्सिटी की डॉ. रंजना जे जैसवारा तथा पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, चंडीगढ़ की डॉ. सिमरजीत कौर ने डेंगू वेक्टर प्रबंधन, बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग में बायोअकॉस्टिक्स और पंजाब में उभरती वेक्टर जनित बीमारियों पर अपने विचार साझा किए।

आयोजन को सफल बनाने में डॉ. पंकज बग्गा, डॉ. कपिला महाजन, डॉ. ऋषि कुमार सहित अनेक संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। तृतीय SOMA डॉ. जगबीर सिंह फोरम लेक्चर ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को रेखांकित किया, बल्कि उत्तर भारत में जैव विविधता एवं पर्यावरण अनुसंधान के क्षेत्र में डीएवी कॉलेज, जालंधर की अग्रणी भूमिका को भी सुदृढ़ किया।


 

 

 

You may also like

Leave a Comment