दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: नगर निगम जालंधर की एफ एंड सी सी (फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी) की बैठक में उस समय तीखी बहस हो गई जब स्ट्रीट लाइटों के टेंडर और ठेकेदारों को लेकर मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर आमने-सामने आ गए। बैठक में हंगामे के चलते शहर के छह इलाकों में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम फिलहाल अटक गया है, जिससे कई इलाके अंधेरे में डूबे रहने की आशंका है।

जानकारी के मुताबिक स्ट्रीट लाइट टेंडर प्रक्रिया में देरी और कुछ ठेकेदारों की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हुआ। मेयर ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदारों ने पहले लिए गए कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया, इसके बावजूद उन्हें नए टेंडर देने की सिफारिश की जा रही है। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि ठेकेदारों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए और बिना पूरी जांच के किसी को ब्लैकलिस्ट करना उचित नहीं है।

बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि शहर के जिन छह इलाकों में स्ट्रीट लाइट का काम प्रस्तावित था, वहां टेंडर फाइनल न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अधिकारियों ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ी तो दोबारा निविदाएं जारी की जाएंगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद 2 ठेकेदारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शहरवासियों को अंधेरे की समस्या से जल्द राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। शहर में स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे में इस विवाद के कारण विकास कार्यों पर असर पड़ना निगम प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।