पंजाब के लाखों कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली के लिए आगे आई पुरानी पेंशन बहाली जॉइंट फोरम

दोआबा न्यूज़लाइन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन लागू करने की दोहराई मांग

23 अगस्त को पंजाब के सभी NPS कर्मचारी मुख्यमंत्री के गांव सतोज की ओर करेंगे मार्च

जालंधर: पंजाब में NPS के खिलाफ लड़ रहे कर्मचारियों के तीन बड़े संगठनों, पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी पंजाब, CPF कर्मचारी यूनियन पंजाब और पुरानी पेंशन प्रतिपूर्ति मोर्चा ने मिलकर आज जालंधर के पंजाब प्रेस क्लब में पुरानी पेंशन बहाली जॉइंट फोरम के बैनर तले राज्य स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कार्यक्रम को कर्मचारी नेता जसवीर सिंह तलवारा, गुरजंट सिंह कोकरी और सुखजीत सिंह डिंपी ने मिलकर आयोजित किया। प्रेस वार्ता में नेताओं ने बताया कि फोरम ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को 4 जुलाई को मोगा कन्वेंशन में शामिल होने का खुला न्योता भी दिया था और उनकी कुर्सियां ​​भी स्टेज पर लगाई गई थीं ताकि पंजाब NPS स्कीम से प्रभावित पंजाब के करीब ढाई लाख कर्मचारियों के साथ इंसाफ हो सके और पुरानी पेंशन स्कीम बहाल हो सके। लेकिन मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री कर्मचारियों के खुले विरोध में शामिल नहीं हुए, जिससे यह साबित होता है कि वे कर्मचारी विरोधी और जन विरोधी हैं।

वहीं इस दौरान संगठनों के नेताओं का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली ज्वाइंट फोरम पंजाब मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम लागू न करने के रोष के चलते 23 अगस्त उनके पैतृक गांव सतोज की तरफ मार्च करते हुए रोष प्रगट किया जाएगा। जिसकी साडी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।

इस दौरान मुलाजिम आगू ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने कर्मचारियों से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर पंजाब के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाएगी। कर्मचारियों के संघर्षों के दबाव में पंजाब सरकार ने 18 नवंबर 2022 को पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का कागजी नोटिफिकेशन जारी कर थी। लेकिन उस समय दूसरे राज्यों के चुनावों के दौरान उन राज्यों के कर्मचारी वोटरों को धोखा देने के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का खूब प्रचार किया गया। लेकिन साढ़े चार साल सत्ता में रहने के बावजूद पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं की और एक भी कर्मचारी का GPF अकाउंट नहीं खोला।

वहीं अंत में उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि NPS से प्रभावित कर्मचारी अब सरकार के खिलाफ जंग लड़ने को तैयार हैं और उनके सब्र का अब और इम्तिहान नहीं लिया जाना चाहिए। अब पंजाब के कर्मचारियों का सब्र टूट गया है और पुरानी पेंशन स्कीम की अपनी सही और जायज़ मांग को लागू करवाने के लिए संघर्ष और तेज़ किया जाएगा। अब पंजाब के कर्मचारी हर हाल में पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करवाकर रहेंगे। इस मौके पर और भी नेता मौजूद थे।

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