दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन व जालंधर से वार्ड नंबर 80 के पार्षद अश्वनी अग्रवाल ने पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की दिशा में उठाए गए कदम को सराहनीय और स्वागतयोग्य बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देने वाला है। अश्वनी अग्रवाल ने आगे यह भी कहा कि लंबे समय से निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि, निर्धारित दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए दबाव बनाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का यह फैसला लाखों अभिभावकों को राहत देने वाला साबित होगा। आगे पार्षद ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत फीस वृद्धि की सीमा तय करने, अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने तथा किताबों और यूनिफॉर्म की जबरन खरीद पर रोक लगाने जैसे प्रावधान शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे व्यावसायिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। पंजाब सरकार का यह कदम विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पार्षद अग्रवाल ने आगे मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं को समझकर लिए जा रहे ऐसे जनहितैषी फैसले सरकार की संवेदनशील सोच और जनकल्याणकारी नीतियों को दर्शाते हैं।