दोआबा न्यूज़लाइन
महंगी हुईं टाटा-हुंडई की कारें, कीमतों में हुई बढ़ोतरी
नई दिल्ली: नौवें महीने सितम्बर की पहली तारीख को ही कमर्शियल LPG सिलिंडर महंगा हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19-किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत में 11.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही टाटा-हुंडई कार कंपनियों ने भी अपनी सभी कारों के दामों में बढ़ोतरी कर दी।
इसके अलावा आज यानी 1 सितंबर 2026 से मुंबई में दूध 9 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है।
1 सितंबर से होने जा रहे ये बड़े बदलाव…
1. आज यानी 1 सितंबर 2026 से तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर औसतन ₹11.50 रुपए तक महंगा कर दिया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद अब कोलकाता में इसकी कीमत ₹2884 हो गई है, जहां पहले ये ₹₹2872.50 में मिल रहा था। इसके अलावा 5 किलो वाला LPG सिलेंडर भी 2 रुपए महंगा हो गया है। अब इसको रिफिल कराने के लिए 764 रुपए देने होंगे। हालांकि 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में अब तक कोई कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. महंगी होंगी टाटा और हुंडई की कारें: आज से टाटा मोटर्स ने अपनी गाड़ियों के सभी मॉडल्स और वैरिएंट्स को 25,000 रुपए तक महंगा कर दिया है। इसके साथ ही हुंडई मोटर इंडिया ने भी कीमतों में 1% तक का इजाफा किया है। कंपनियों ने कारों की कीमतों में अचानक इस बढ़ोतरी के पीछे कच्चे माल (कमोडिटी) के बढ़ते दाम, परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) और महंगाई के दबाव को कारण बताया है। जिसे कम करने के लिए कंपनियों ने यह फैसला लिया है।
अब 1 सितम्बर से टाटा और हुंडई की कारों या या SUV खरीदने वाले ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इसलिए कार की बुकिंग से पहले ग्राहकों को नई प्राइस लिस्ट चेक करनी होगी।
3. इसके साथ ही एलपीजी सब्सिडी का फायदा जारी रखने के लिए e-kyc कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। तेल कंपनियों ने सभी घरेलू एलपीजी ग्राहकों से इस काम को पूरा करने को कहा था। लेकिन अब जिन ग्राहकों ने तारीख बीत जाने के बाद e-kyc नहीं करवाई है उनकी सब्सिडी रुक सकती है। इसके साथ ही गैस मिलने में भी परेशानी आ सकती है। जिन लोगों ने अभी तक e-kyc नहीं करवाई है, वह किसी भी असुविधा से बचने के लिए जल्द से जल्द अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करेँ ।
4. इसके साथ ही अब 1 सितम्बर से एक भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने का नियम भी खत्म कर दिया गया है। अब प्रोसेस डिजिटल हो गई है। इस नियम के बाद अब यात्री इमिग्रेशन के समय अपने फोन में ई-बोर्डिंग पास दिखा सकते हैं। हालांकि, सही पासपोर्ट, वीजा और सुरक्षा जांच से जुड़े बाकी सभी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। इस नए नियम से एयरपोर्ट पर डिपार्चर प्रोसेस आसान होगी और यात्रियों का समय बचेगा।
5. 1 सितम्बर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण देश में हवाई ईंधन के दाम लगातार दूसरे महीने फिर से बढ़ा दिए गए हैं। ATF में ₹6.28 प्रति लीटर (5.46%) का इजाफा किया गया है। नई कीमत ₹115 से बढ़कर ₹121.28 पहुंच गई है। किसी भी एयरलाइन के कुल कामकाजी खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 35% से 40% तक होती है।
वहीं एटीएफ महंगा होने से विमान कंपनियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी, जिसके बाद कंपनियां इस बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डाल कर आने वाले दिनों में हवाई टिकटें महंगी कर सकती हैं।