दोआबा न्यूज़लाइन
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा ने बीते सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस नए कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को आखिरी सांस तक उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सदन में इस बिल को पेश करते हुए कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सम्मान की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सख्त प्रावधान समाज में धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जरूरी है।
क्या हैं नए कानून के अनुसार मुख्य प्रावधान :
* बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास (पूरी उम्र) की सजा दी जाएगी
* यह अपराध गैर-जमानती और संज्ञेय होगा
* मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी
* मानसिक रूप से अस्वस्थ आरोपी के मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी
2008 के कानून में बड़ा बदलाव
सरकार ने बताया कि वर्ष 2008 में बनाए गए कानून में कई कमियां थीं, जिनके चलते सख्त कार्रवाई संभव नहीं हो पाती थी। नए संशोधन में इन खामियों को दूर करते हुए सजा को और कठोर बनाया गया है।
कैबिनेट और विधानसभा में पूर्ण समर्थन
विधेयक को सदन में सभी दलों का समर्थन मिला, जिससे यह बिना किसी विरोध के पारित हो गया। विपक्षी नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे समय की जरूरत बताया।
CM भगवंत मान का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि किसी भी हालत में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि राज्यपाल की मंजूरी में देरी होती है तो हम आगे की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाएंगे।” अब यह बिल राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून पूरे पंजाब में लागू हो जाएगा।