दोआबा न्यूज़लाइन
जालंधर: AAP सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ राजनेता भगत चुन्नी लाल का बीती रात अकस्मात निधन हो गया। उनके निधन की खबर के बाद से राजनितिक जगत में शोक है। उनका अंतिम संस्कार वीरवार शाम जालंधर के बस्ती शेख शमशान घाट में किया गया। भागत चुन्नी लाल को आज राष्ट्रिय सम्मान के साथ पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी देकर अंतिम विदाई दी गई।
शमशान घाट में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और उनके भाईयों सहित पूरे परिवार ने भगत चुन्नी लाल को नाम आँखों से अंतिम विदाई दी। इस मौके पर शहर की कई बड़ी राजनितिक हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंची। मौके पर जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया मौके पर पहुंचे। वहीं अगर राजनितिक हस्तियों की बात करें तो भाजपा से जालंधर पार्टी अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की, शीतल अंगुराल, वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया, केडी भंडारी सहित अन्य कई बड़ी राजनितिक हस्तियां और हजारों की संख्या में शहरवासी भगत चुन्नी लाल को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री भगत चुन्नी लाल के निधन पर उनके सम्मान में और शोक व्यक्त करने के लिए पंजाब सरकार ने 10 सितंबर को पंजाब सरकार के सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, कॉर्पोरेशन और शिक्षण संस्थानों (स्कूलों/कॉलेजों) में आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया था।भगत जी के परिवार का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे और बीती देर रात उनका अकस्मात लम्बी बीमारी के चलते 94 साल की उम्र में निधन हो गया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का निधन, 93 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने 93 साल 9 महीने और 9 दिन की उम्र में जालंधर के बस्ती क्षेत्र स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार
परिवार के अनुसार भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम करीब 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। पंजाब सरकार ने उनके निधन के मद्देनजर आज आधे दिन की छुट्टी का भी ऐलान किया है।
जालंधर की राजनीति में रहा लंबा सफर
भगत चुन्नी लाल जालंधर वेस्ट की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने वर्ष 1997 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। बाद में वे पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था।
कारोबार से राजनीति तक बनाई पहचान
1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में जन्मे भगत चुन्नी लाल का परिवार भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद जालंधर आकर बस गया था। उन्होंने खेलों से जुड़े सामान के निर्यात के कारोबार से अपनी पहचान बनाई और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हुए।
परिवार में चार बेटे और चार बेटियां
भगत चुन्नी लाल के परिवार में चार बेटे और चार बेटियां हैं। उनके बेटे मोहिंदर भगत पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री हैं। भगत चुन्नी लाल का जालंधर की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय तक प्रभाव रहा। उनके निधन को शहर की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।