दोआबा न्यूजलाइन
जालंधर : जालंधर प्रशासन ने 24 अप्रैल को होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। डिप्टी कमिश्नर श्री वरजीत वालिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 अप्रैल को शाम 8 बजे शहरभर में ब्लैकआउट नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल खालसा कॉलेज फॉर वूमेन कैंपस में ही मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
सीमित दायरे में होगा अभ्यास
प्रशासन के अनुसार यह मॉक ड्रिल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए की जा रही है। इसके तहत केवल निर्धारित परिसर में ही कुछ समय के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा, ताकि रेस्क्यू और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया जा सके।
आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं
डिप्टी कमिश्नर ने साफ किया कि जालंधर के अन्य इलाकों में किसी तरह का ब्लैकआउट नहीं होगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरी तरह सामान्य दिनचर्या बनाए रखें। यह केवल एक अभ्यास है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
अन्य जिलों में क्या है स्थिति?
जानकारी के मुताबिक पंजाब के कुछ अन्य जिलों में भी 24 अप्रैल को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, लेकिन वहां यह अलग-अलग स्थानों और सीमित क्षेत्रों में ही की जाएगी। कहीं भी पूरे शहर या जिले को एक साथ अंधेरे में नहीं रखा जाएगा।
प्रशासन की तैयारी और मकसद
इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति—जैसे प्राकृतिक आपदा या सुरक्षा खतरे—के दौरान प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों के तालमेल को मजबूत करना है। इसके जरिए यह भी देखा जाता है कि बिजली बंद होने की स्थिति में जरूरी सेवाएं कितनी जल्दी बहाल की जा सकती हैं।
लोगों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि ड्रिल के दौरान किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें और यदि कहीं सीमित क्षेत्र में ब्लैकआउट दिखे तो उसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा समझें।
कुल मिलाकर, जालंधर में यह मॉक ड्रिल पूरी तरह नियंत्रित और सीमित दायरे में होगी, जबकि अन्य जिलों में भी इसी तरह के अभ्यास किए जा रहे हैं ताकि आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया जा सके।