दोआबा न्यूज़लाइन
PM मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से जारी की किस्त, अब तक 24 किस्तों में किसानों को मिल चुके हैं 4.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए 24वीं किस्त जारी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से इस किस्त का हस्तांतरण किया। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
इस किस्त के जारी होने के साथ ही पीएम-किसान योजना के तहत अब तक वितरित कुल राशि 4.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना और उनकी आय सुरक्षा को मजबूत करना है।
सालाना मिलते हैं 6,000 रुपये, तीन किस्तों में होता है भुगतान
पीएम-किसान योजना की शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को की गई थी। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
इस आर्थिक सहायता से किसान बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी कृषि संसाधनों की खरीद कर सकते हैं। इससे खेती के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में किसानों को मदद मिलती है।
2030-31 तक जारी रहेगी योजना
केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस अवधि के लिए कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय बजट 2026-27 में योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
आधार और ई-केवाईसी जरूरी
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का पंजीकरण पीएम-किसान पोर्टल पर होना आवश्यक है। इसके साथ ही भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन, बैंक खाते का आधार से लिंक होना और ई-केवाईसी पूरी करना भी जरूरी है।
सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजती है। आधार आधारित सत्यापन और डिजिटल व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिली है।
अपात्र लाभार्थियों पर भी रखी जा रही नजर
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लाभार्थियों के रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन किया जाता है। आयकरदाता, निर्धारित श्रेणी के सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी तथा संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति योजना के पात्र नहीं हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक अपात्र लाभार्थियों से 416.75 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। वहीं, लाभार्थियों की सूची और भुगतान संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई गई है।
पीएम-किसान योजना को देश की प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं में शामिल किया जाता है। इसके माध्यम से करोड़ों किसान परिवारों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।