दोआबा न्यूज़लाइन
SSP जालंधर ग्रामीण ने की स्वयं ऑपरेशन की निगरानी, नशों की सप्लाई और बिक्री के विरुद्ध सख्त कार्रवाई
जालंधर: पंजाब सरकार द्वारा माननीय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाई जा रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम और माननीय डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए हरविंदर सिंह विर्क जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा आज जिले के चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स पर विशेष कासो (कार्डन एंड सर्च ऑपरेशन) ऑपरेशन किए गए।
विशेष ऑपरेशन के दौरान हरविंदर सिंह विरक, एस.एस.पी. जालंधर ग्रामीण द्वारा स्वयं थाना सदर नकोदर के अधीन आते गांव शंकर में पहुंचकर ऑपरेशन की निगरानी की गई। इस अवसर पर विनीत आहलावत, आई.पी.एस., एस.पी. (तफ्तीश), जालंधर ग्रामीण भी मौजूद थे। जालंधर ग्रामीण की अन्य सब-डिवीजनों में भी संबंधित सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारियों और एस.एच.ओज की निगरानी में कासो ऑपरेशन किए गए और चिन्हित स्थानों पर आवश्यक पुलिस फोर्स तैनात की गई।
विशेष मुहिम के तहत जालंधर ग्रामीण जिले के सभी 15 चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स को विशेष रूप से कवर किया गया। पुलिस टीमों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों की बारीकी से जांच की गई तथा नशों की बिक्री, सप्लाई और नशों से संबंधित अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष तलाशी अभियान चलाया गया।
ऑपरेशन के दौरान 10 गजटेड अधिकारियों और 275 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। कुल 31 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं और एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 40 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन के दौरान 10 ग्राम हेरोइन, 381 नशीली गोलियां/टैबलेट्स/कैप्सूल और 47 बोतलें नाजायज शराब बरामद की गईं। इसके अलावा 15 वाहन जब्त किए गए और 01 भगोड़े (पीओ) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी और चेकिंग के दौरान अन्य सामान और विभिन्न प्रकार की बरामदगियां भी की गईं।
14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 129 बीएनएसएस के तहत निवारक कार्रवाई भी अमल में लाई गई
विशेष मुहिम के दौरान नशा करने वाले व्यक्तियों की भी पहचान की गई। जिन व्यक्तियों को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें नशा छुड़ाऊ केंद्रों में दाखिल करवाया जा रहा है, जबकि नशे की शुरुआती अवस्था में मौजूद और तत्काल दाखिले की आवश्यकता न रखने वाले व्यक्तियों की काउंसलिंग करके उन्हें उचित उपचार और पुनर्वास के लिए रेफर किया जा रहा है।
एस.एस.पी. जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स को नशा मुक्त बनाने के लिए तीन मुख्य पहलुओं- इन्फोर्समेंट, जागरूकता और नशा छुड़ाऊ/पुनर्वास- पर एक साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिन्हित नशा हॉटस्पॉट्स को नशा मुक्त बनाने के लिए सात दिनों का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इन क्षेत्रों की रोजाना निगरानी की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि नशा हॉटस्पॉट्स की व्यवस्थित सूची तैयार करने के साथ-साथ नशा करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। स्थानीय निवासियों, पुलिस का सहयोग करने वाले नागरिकों और अन्य भरोसेमंद सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नशा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार और काउंसलिंग उपलब्ध करवाने तथा पुनर्वास के माध्यम से उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विरक ने आगे कहा कि नशों की मांग को कम करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे। स्कूलों में जागरूकता सेमिनार, गांवों के सांझे स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां, नुक्कड़ नाटक और वर्कशॉप्स करवाई जाएंगी, ताकि आम लोगों, विशेषकर युवाओं को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इन्फोर्समेंट के हिस्से के रूप में खुफिया जानकारी एकत्रित की जाएगी और नशों की बिक्री तथा सप्लाई में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध विशेष ऑपरेशन किए जाएंगे। नशों की सप्लाई में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एस.एस.पी. जालंधर ग्रामीण ने कहा कि जालंधर ग्रामीण पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशा हॉटस्पॉट्स को नशा मुक्त बनाना, नशों की सप्लाई चेन को तोड़ना, नशा प्रभावित व्यक्तियों के उपचार और पुनर्वास में सहायता करना तथा आम लोगों में नशों के विरुद्ध अधिक जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी जालंधर ग्रामीण के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे कासो ऑपरेशन और विशेष चेकिंग मुहिम जारी रहेंगी।